मुजफ्फरपुर। वक्फ (संशोधन) विधेयक को बुधवार देर रात करीब 1 बजे लोकसभा में बहुमत से पास कर दिया गया। यह बिल करीब 12 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद पारित हुआ, जिसमें जदयू, लोजपा और टीडीपी समेत कई दलों ने समर्थन दिया।

विधेयक पारित होने की खुशी में गुरुवार को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर परिसर में भव्य हवन और जश्न का आयोजन किया गया। महंत अभिषेक पाठक के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने पटाखे फोड़कर, अबीर-गुलाल उड़ाकर और एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर उल्लास मनाया।


महंत अभिषेक पाठक बोले – ‘संविधान की सुरक्षा की जीत’
मंदिर परिसर में आयोजित समारोह के दौरान महंत अभिषेक पाठक ने विधेयक पारित होने पर खुशी जताते हुए कहा—
“यह संविधान की सुरक्षा की जीत है। अब वक्फ बोर्ड जो मन चाहे, उस पर दावा नहीं कर पाएगा। यह सामाजिक न्याय की भी जीत है। गरीब मुसलमानों, महिलाओं, अनाथ बच्चों आदि को भी वक्फ की संपत्ति से लाभ मिलेगा। यह सुशासन की दिशा में बड़ा कदम है।”
उन्होंने आगे कहा कि अब यह बिल राज्यसभा में जाएगा, और जब यह कानून का रूप ले लेगा, तो वक्फ प्रणाली में व्याप्त सभी बुराइयों का अंत हो जाएगा। यह गरीब मुसलमानों के अधिकारों को सुनिश्चित करेगा और संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत बनाएगा।


राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
लोकसभा में पारित इस विधेयक को लेकर सियासी गलियारों में भी चर्चाएं जोरों पर हैं। विपक्षी दलों की तरफ से इस विधेयक पर विरोध जताया गया, जबकि सरकार ने इसे ‘समानता और पारदर्शिता की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया।
अब सबकी नजरें राज्यसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां इसे कानून बनने के लिए पेश किया जाएगा।





