मुज़फ़्फ़रपुर चित्रगुप्त एसोसिएशन में आय-व्यय को लेकर उठा सवाल, पारदर्शिता की मांग तेज

मुज़फ्फरपुर: चित्रगुप्त एसोसिएशन चुनाव के सम्पन्न होते ही संगठन में एक नई हलचल देखी जा रही है। हालिया चुनाव परिणामों में जहां पुरानी कमेटी के कई सदस्य पुनः निर्वाचित होकर संगठन पर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहे हैं, वहीं कुछ पराजित उम्मीदवारों ने एक अलग कमेटी के गठन की योजना बनानी शुरू कर दी है। इस नई पहल का उद्देश्य एसोसिएशन के कार्यों में पारदर्शिता और चित्रांश समाज के समुचित विकास के लिए दबाव बनाना बताया जा रहा है।

अजय कुमार निर्वाचित कोषाध्यक्ष सह पूर्व के कंप्लेनकर्ता

पुराने सवाल, नया चेहरा: अजय कुमार की भूमिका पर उठे सवाल

सबसे चर्चित नामों में अजय कुमार का नाम फिर से सुर्खियों में है। अजय कुमार, जो अब एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं, वही व्यक्ति हैं जिन्होंने 27 अक्टूबर 2024 को एसोसिएशन के तत्कालीन महासचिव को लिखित पत्र सौंपते हुए कोष में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। उन्होंने एसोसिएशन की आम सभा में आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक न किए जाने को लेकर चिंता जताई थी।

अब जब अजय कुमार स्वयं कोषाध्यक्ष की भूमिका में हैं, तो सवाल यह उठ रहा है कि क्या वे अपनी पूर्व मांगों के अनुरूप कोष में संभावित अनियमितताओं का खुलासा करेंगे, या फिर नई कमेटी में शामिल होते ही पुरानी मांगों को भुला दिया जाएगा?

सोने का नहीं, कांटों का ताज

कई सदस्यों का मानना है कि इस बार विजयी उम्मीदवारों को ‘सोने का ताज’ नहीं बल्कि ‘कांटों का ताज’ मिला है। सदस्यों की बढ़ती जागरूकता और पारदर्शिता की लगातार उठती मांग के कारण अब कार्यकारिणी के लिए पुरानी तरह से काम करना संभव नहीं होगा। एसोसिएशन के हर निर्णय और वित्तीय गतिविधि पर अब गहन निगरानी रखी जाएगी।

पारदर्शिता की चार मांगें बनीं बहस का केंद्र

एसोसिएशन के वर्तमान कोषाध्यक्ष अजय कुमार द्वारा महासचिव को भेजे गए पत्र में चार अहम मांगें की गई थी :

पूर्व कार्यकारिणी के कार्यभार ग्रहण के समय बैंक एवं नकद शेष राशि का पूरा विवरण। वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 (अब तक) के सभी आय-व्यय का विस्तृत लेखा-जोखा। वर्तमान में प्रयुक्त हो रही रसीद पुस्तिकाओं का ब्यौरा। चित्रगुप्त पूजा 2022 एवं 2023 के लिए अलग से जारी की गई रसीदों से प्राप्त धनराशि और उसके उपयोग का विवरण।

उक्त आवेदन की प्रतिलिपि अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और अन्य आजीवन सदस्यों को भी भेजी गई थी, और स्पष्ट रूप से मांग की गई थी कि सभी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की जाए ताकि आगामी चित्रगुप्त पूजा के दौरान संगठन की गरिमा बनी रहे और सदस्यों का विश्वास कायम रह सके।

क्या बदलेगा एसोसिएशन का चेहरा?

इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एसोसिएशन के भीतर अब वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि नई कार्यकारिणी इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाती है और क्या वाकई एसोसिएशन में पारदर्शिता की एक नई शुरुआत होती है या फिर सब कुछ पुराने ढर्रे पर ही चलता रहेगा।

चित्रगुप्त एसोसिएशन के चुनावी नतीजों ने न सिर्फ नेतृत्व में बदलाव लाया है, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय स्पष्टता की मांगों को भी नया आयाम दिया है। समाज अब सजग है, और संगठन से जवाब चाहता है — यह चेतावनी है कि अब चुप्पी नहीं, जवाबदेही का समय है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading