विशेष संवाददाता।
मुजफ्फरपुर (बिहार) – कांटी प्रखंड के शाहपुर ग्राम स्थित श्री राम जानकी मंदिर परिसर (स्व. रमदुलारी परिसर) में आज दिनांक 19 अप्रैल 2025 को भव्य सनातन स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन हुआ। यह ऐतिहासिक अवसर केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं रहा, बल्कि सनातन संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और संगठनात्मक चेतना का जीवंत मंच बन गया।

इस सम्मेलन का शुभारंभ सनातन सम्राट श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी चक्रपाणि जी महाराज (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारत हिन्दू महासभा) द्वारा मंदिर के विधिवत उद्घाटन के साथ हुआ। उनके कर-कमलों से नवनिर्मित मंदिर में पहली पूजा संपन्न हुई, जिससे पूरे वातावरण में दिव्यता और ऊर्जा का संचार हुआ।






देशभर के संतों की गरिमामयी उपस्थिति:
कार्यक्रम में जगत माता सनातनी, श्री श्री 1008 योगी मुकुन्द बाबा (गोपलगंज), श्री श्री 1008 महंत विष्णेश्वर भारती जी (सिवान), श्री श्री 1008 जगतगुरु दुर्गाचारी सास्वी कंचन जी महाराज (गाज़ियाबाद) तथा श्री श्री 1008 रुद्रनाथ दास जी महाराज (चकरी धाम, सिवान) जैसे प्रसिद्ध संतों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी अलौकिक बना दिया। उनके प्रवचनों और आध्यात्मिक विचारों ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया।





चित्रांश महिला मोर्चा की ऐतिहासिक शुरुआत:
सम्मेलन के दौरान स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने “चित्रांश महिला मोर्चा, बिहार” के शुभारंभ की घोषणा की और उसका लोगो व मोनोग्राम महिलाओं को समर्पित किया। इस पहल को चित्रांश समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। यह मंच आने वाले समय में महिलाओं की सांस्कृतिक, सामाजिक और नेतृत्व क्षमताओं को नई पहचान देगा।


संगठनात्मक असंतुलन भी रहा चर्चा में:
हालांकि, इस भव्य आयोजन में एक संगठनात्मक विवाद भी सुर्खियों में रहा। मुजफ्फरपुर चित्रगुप्त एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष और महामंत्री की अनुपस्थिति को कई लोगों ने संस्था के प्रोटोकॉल की अवहेलना माना और इस पर नाराजगी भी व्यक्त की गई। यह मुद्दा सामाजिक संगठनों में उत्तरदायित्व और सहभागिता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करता है।


आयोजन की अगुवाई:
इस पूरे आयोजन की सूत्रधार रहीं डा. कुमारी ज्योत्सना, जो सनातन स्वाभिमान सम्मेलन की अध्यक्ष एवं चित्रांश खेल एवं सांस्कृतिक मंच की प्रमुख हैं एवं राजीव सिन्हा जो चित्रांश खेल एवं सांस्कृतिक मंच के संस्थापक हैं। उन दोनों लोगों ने अपने नेतृत्व कौशल और समर्पण से इस सम्मेलन को सफलता के शिखर तक पहुंचाया। कार्यक्रम का सौजन्य श्री राम जानकी मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया गया।

सनातन स्वाभिमान सम्मेलन एक सफल आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगम के रूप में संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल सनातन धर्म की पुनर्स्थापना की दिशा में एक मजबूत कदम था, बल्कि समाज के विविध वर्गों को जोड़ने, सशक्त करने और जागरूक करने का भी सशक्त माध्यम बना। इस सम्मेलन की गूंज निश्चित रूप से बिहार ही नहीं, बल्कि समस्त भारतवर्ष में लंबे समय तक सुनाई देती रहेगी।






