कटिहार: बिहार के कटिहार जिले में रविवार को आए तेज आंधी और भारी बारिश के साथ वज्रपात ने तीन परिवारों की खुशियां छीन ली. अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ठनका गिरने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. पूरे जिले में शोक का माहौल छा गया है.

तीन अलग-अलग घटनाओं में हुई मौत
आजमनगर थाना क्षेत्र के शीतलमनी पंचायत में 65 वर्षीय मोहम्मद अब्बास वज्रपात की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई. वहीं कोढ़ा थाना क्षेत्र के चंदवा पंचायत में 27 वर्षीय मंगलेश कुमार की भी ठनका गिरने से जान चली गई. सेमापुर थाना क्षेत्र के इस्लामपुर सुखासन गांव में 45 वर्षीय अकमल हुसैन की वज्रपात से मौत हो गई. तीनों घटनाएं एक ही दिन में अलग-अलग स्थानों पर हुई.

पुलिस ने शवों का कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए. तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासन आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया है.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया दुख
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि कटिहार जिले में वज्रपात से तीन लोगों की मौत अत्यंत दुखद है. मृतकों के परिजनों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं.

परिजनों को 4-4 लाख रुपये अनुदान देने के निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग को तत्काल मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि राहत राशि अविलंब प्रदान की जाए. साथ ही उन्होंने खराब मौसम में सतर्कता बरतने और वज्रपात से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.

ग्रामीणों की मांग- जल्द मिले राहत
घटना से जिले के ग्रामीण भी सदमे में हैं. स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है. उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि मुआवजा प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि परिवारों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े.
खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान यथासंभव घरों में रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें. आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें. वज्रपात जैसी आपदाओं से बचाव के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है.