नई दिल्लीः सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को इस्लामाबाद को कड़ा सैन्य संदेश देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ काम करना जारी रखता है, तो उन्हें “यह तय करना होगा कि वे भूगोल का हिस्सा रहना चाहते हैं या इतिहास का.” जनरल द्विवेदी की टिप्पणी भले ही संक्षिप्त थी, लेकिन इसमें पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश था और उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को फिर से दोहराया.

यहां मानेकशॉ सेंटर में ‘यूनिफॉर्म अनवेइल्ड’ द्वारा आयोजित एक संवाद सत्र के दौरान जब सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से पूछा गया था कि यदि पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी परिस्थितियां दोबारा पैदा होती हैं, तो भारतीय सेना इस पर क्या प्रतिक्रिया देगी.

इस पर सेना प्रमुख ने कहा, “अगर आपने मुझे पहले सुना हो, तो मैंने यही कहा है…कि पाकिस्तान अगर आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ काम करना जारी रखता है, तो उन्हें तय करना होगा कि वे भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहते हैं या इतिहास का.” ‘सेना संवाद’ नाम के इस कार्यक्रम में उनका यह बयान देश और भारतीय सेना द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ मनाए जाने के कुछ ही दिनों बाद आया है.


परमाणु हथियारों से लैस इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच लगभग 88 घंटे तक चला यह सैन्य संघर्ष 10 मई की शाम को आपसी समझौते पर पहुंचने के बाद रुका.