
RANCHI : कभी रांची के अपराध जगत में कोहराम मचाने वाले कुख्यात अपराधी धनंजय प्रधान ने नेपाल में पनाह ले रखी है। वह झारखंड के रांची, बोकारो, रामगढ़, धनबाद और बंगाल व ओडिशा के बड़े व्यवसायियों, कोयला कारोबारियों एवं रेललाइन, सड़क और पुल निर्माण करने वाली कंपनियों से रंगदारी वसूल रहा है। रांची से भी वह हर माह मोटी रंगदारी उठा रहा है। सिम बदल-बदल कर वह रंगदारी मांग रहा है। उसका लोकेशन कभी झारखंड, ओडिशा तो कभी बंगाल आता है।

उसकी फितरत हर बड़ी वारदात की जिम्मेवारी लेकर तहलका मचाना और माओवादियों के नाम पर लेवी वसूली करना है। पुलिस को चकमा देने के लिए अपने गुर्गे के जरिये खुद के नाम से रंगदारी मांगने को कहता है, ताकि पुलिस को उसका गलत लोकेशन मिलता रहे। इस बात का खुलासा बीते सोमवार को बोकारो में पुलिस के हत्थे चढ़ा संतोष डे उर्फ राजू ने किया है।

संतोष डे से पूछताछ करने में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कुख्यात धनंजय प्रधान का घर रांची के पंडरा इलाके में है। जब वह रांची अपराध जगत में सक्रिय था तो उसके गिरोह में कई लोग शामिल हो गये थे। गिरोह में धुर्वा और रातू रोड इलाके के कई छोटे-बड़े अपराधी शामिल थे।

इस पुलिस अधिकारी ने बताया कि रांची से ठिकाना बदलने के बाद धनंजय प्रधान के कई गुर्गे उससे अपना नाता तोड़ चुके हैं। अब उसने रंगदारी वसूलने में कुछ खास लोगों को ही लगा रखा है। कभी वह कुख्यात नक्सली के नाम पर रंगदारी वसूलता है तो कभी खुद के नाम से।
बोकारो के डीआईजी प्रभात कुमार एवं एसपी कार्तिक एस ने बताया कि संतोष डे ने धनंजय प्रधान के बारे में कई अहम जानकारियां दी हैं। बोकारो के कई छोटे-बड़े अपराधियों से उसके ताल्लुकात हैं। बोकारो एसपी ने बताया कि धनंजय प्रधान को खड़गपुर, कोलकाता, बंगाल में वसूली रंगदारी पहुंचाई जाती थी। यह काम संतोष करता था।

संतोष गिरोह के सरगना धनंजय को विभिन्न कंपनियों की सिम भी उपलब्ध कराता था। करीब एक दशक पहले धनंजय प्रधान के रांची के अपराध जगत में चर्चित होने के बाद उसके खिलाफ राजधानी के विभिन्न थानों में करीब 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसपर गुंडा एक्ट (सीसीए) भी लगाया गया था। वह रांची, हजारीबाग और बोकारो में जेल काट चुका है। रांची सेंट्रल जेल में बंद रहने के दौरान उसने जेल के अंदर से ही कई वारदात को अंजाम दिया था, जिसका जिक्र रांची पुलिस की फाइल में दर्ज है।

कुख्यात धनंजय प्रधान की गतिविधि और करतूत के बारे में रांची पुलिस को भी जानकारी दी गई है। रांची के कई लोगों से वह अब भी रंगदारी वसूल रहा है। हालांकि बोकारो एसपी ने विस्तृत जानकारी देने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि इससे अनुसंधान प्रभावित हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि फरार धनंजय प्रधान की खोज में एक टीम को बहुत जल्द नेपाल या बंगाल भेजी जा सकती है।
