BPSC TRE-4 को लेकर पटना में तनाव,प्रदर्शन से पहले छात्र नेता रिंकल यादव हिरासत में, शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान- पैनिक न हों, जल्द आएगा TRE-4 विज्ञापन

BPSC TRE-4 वैकेंसी को लेकर बिहार में माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। एक तरफ हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं और थाली-बेलन क्रांति जैसे प्रतीकात्मक आंदोलन से सरकार पर दबाव बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए एक छात्र को हिरासत में ले लिया है। इससे आंदोलन और भी उग्र होता नजर आ रहा है।

राजधानी पटना समेत कई जिलों में अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। उम्मीदवारों का कहना है कि लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन बार-बार केवल आश्वासन मिल रहा है। इसी नाराजगी के बीच आंदोलनकारियों ने थाली और बेलन के साथ सड़क पर उतरकर सरकार को नींद से जगाने की चेतावनी दी है।BPSC TRE-4 वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर पटना एक बार फिर आंदोलन की आग में झुलसता नजर आ रहा है। राजधानी की सड़कों पर आज अभ्यर्थियों का भारी प्रदर्शन प्रस्तावित है, लेकिन उससे पहले ही हालात तनावपूर्ण हो गए जब पुलिस ने छात्र नेता रिंकल यादव को हिरासत में ले लिया।बताया जा रहा है कि रिंकल यादव, जो पीयू छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रह चुके हैं, उन्हें प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने घसीटते हुए हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद छात्रों में आक्रोश फैल गया और माहौल अचानक गरमा गया।रिंकल यादव को राजनीतिक रूप से भी समर्थन मिला हुआ बताया जाता है, खासकर तेजप्रताप यादव की ओर से उनका समर्थन पहले सार्वजनिक मंचों पर सामने आ चुका है। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को छात्र राजनीति और प्रशासनिक सख्ती के टकराव के रूप में देखा जा रहा है।

इसी बीच प्रदर्शन में शामिल महिला अभ्यर्थियों के साथ भी पुलिस की सख्ती देखने को मिली। आरोप है कि कुछ महिला उम्मीदवारों को भी धरना स्थल से हटाते समय घसीटकर ले जाया गया, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई। इस घटना के बाद वहां मौजूद अन्य अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई।प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने आए थे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया। उनका आरोप है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में देरी कर रही है और जब छात्र आवाज उठाते हैं तो उन पर दबाव बनाया जाता है।वहीं प्रशासन की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि किसी भी तरह की भीड़ और प्रदर्शन से कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित रखना प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी

इसी बीच शिक्षा मंत्री ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए बड़ा बयान दिया है

उन्होंने कहा है कि छात्रों को किसी भी तरह की घबराहट या पैनिक में आने की जरूरत नहीं है। सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है और TRE-4 का विज्ञापन जल्द ही जारी किया जाएगा। मंत्री ने यह भी साफ किया कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर प्रयास चल रहे हैं और कोई भी देरी जानबूझकर नहीं की जा रही है।

हालांकि बयान के साथ ही उन्होंने आंदोलन के पीछे किसी साजिश की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि कुछ ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो छात्रों को भड़काकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है और ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।दूसरी तरफ छात्रों का कहना है कि वे किसी साजिश का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार हर बार भर्ती को लेकर केवल तारीखों और आश्वासनों में उलझाए रखती है, जबकि वास्तविक प्रक्रिया धीमी गति से आगे बढ़ती है।

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