बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले की रघुनाथपुर थाना पुलिस ने सेना के एक पूर्व जवान को बेरोजगार युवकों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके के युवाओं को ठगने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवेंद्र भूषण के रूप में की गई है, जो सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त हो गया था। आरोपी खुद को बेहद प्रभावशाली और ऊंची पहुंच वाला व्यक्ति बताता था। वह सीधे-साधे और बेरोजगार युवकों को जाल में फंसाकर उन्हें विभिन्न सरकारी विभागों में पक्की नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा देता था और इसके एवज में उनसे मोटी रकम वसूलता था।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब ठगी का शिकार हुए ढाका थाना क्षेत्र के सोरपनिया निवासी युवक कमलेश कुमार ने बुधवार को रघुनाथपुर थाने में आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत प्राथमिकी दर्ज की। एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस की एक विशेष टीम हरकत में आई और छापेमारी कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रिटायर्ड सैनिक को धर-दबोचा।

पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि शिवेंद्र भूषण के जाल में सिर्फ कमलेश ही नहीं, बल्कि कई अन्य जिलों और थानों के युवक भी फंसे हैं। ठगी का शिकार हुए अन्य युवाओं में पहाड़पुर थाना क्षेत्र के मनकररिया निवासी पवन कुमार सिंह सहित कई अन्य पीड़ित शामिल हैं, जिनसे आरोपी ने नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे थे। इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद से ही क्षेत्र के अन्य पीड़ित युवक भी पुलिस से संपर्क कर रहे हैं।

गिरफ्तारी के बाद रघुनाथपुर थाना पुलिस आरोपी शिवेंद्र भूषण को हिरासत में लेकर लगातार कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि इस ठगी के पीछे आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा है, इसमें कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं और अब तक कुल कितने युवकों से पैसे की अवैध वसूली की जा चुकी है। इस बड़े खुलासे के बाद से ही इलाके के जालसाजों और बिचौलियों में हड़कंप मचा हुआ है।