पटना: पटना के सटे दानापुर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से दियारा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गंभीर हो गया है. बुधवार शाम देवनानाला पर गंगा का जलस्तर 169.50 फुट रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से करीब ढाई फुट ऊपर है. पिछले 12 घंटे में लगभग डेढ़ फुट की वृद्धि हुई है और हर घंटे करीब तीन इंच पानी बढ़ रहा है.

सात पंचायतों के दर्जनों गांव प्रभावित
गंगा के उफान से गंगहरा, हेतनपुर, कासीमचक, पुरानी पानापुर, पतलापुर, मानस और अकिलपुर सहित दियारा की सात पंचायतों के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. निचले इलाकों के घरों में डेढ़ से दो फुट, सड़कों पर तीन से चार फुट और खेतों में चार से पांच फुट तक पानी भर गया है. प्रखंड मुख्यालय से संपर्क लगभग टूट गया है और आवागमन का एकमात्र सहारा नाव रह गया है.

अन्य जगहों पर जलस्तर की स्थिति
सहायक अभियंता के अनुसार “इलाहाबाद और बनारस में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जबकि बक्सर में गंगा और इंद्रपुरी में सोन नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है. आगे भी वृद्धि की संभावना जताई गई है.”
अलर्ट मोड में प्रशासन
एसडीओ वीरूपाक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सजग है. छह पंचायतों में सरकारी स्तर पर 12 नावों के परिचालन का निर्देश दिया गया है. मेडिकल टीम के लिए भी एक नाव चलाई जाएगी. जरूरत पड़ने पर एसडीआरएफ की टीम बुलाई जाएगी. निचले और तटवर्ती इलाकों के लोगों को अलर्ट कर ऊंचे स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है.
राहत शिविर और जरूरी सामान की व्यवस्था
जलस्तर बढ़ने और बड़े पैमाने पर पलायन की स्थिति में बलदेव स्कूल में राहत शिविर सह सामुदायिक किचन चलाने की तैयारी की गई है. लाइफ जैकेट, दवाएं और सांप-बिच्छू काटने जैसी आपात स्थितियों के लिए इमरजेंसी बोट तैनात करने की व्यवस्था भी हो रही है.

बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग
दियारा क्षेत्र के पूर्व जिला पार्षद ओम प्रकाश यादव, पूर्व मुखिया दिनेश राय, भाजपा नेता रंजीत यादव सहित स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, आपदा प्रबंधन मंत्री, डीएम और एसडीओ से क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने, पर्याप्त नावें चलाने और तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है. आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
