पटना: बिहार में बाढ़ के कारण कई इलाकों में स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित है. इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से बाढ़ प्रभावित विद्यालयों का विस्तृत ब्योरा मांगा है. विभाग ने स्कूल भवनों के साथ-साथ शैक्षणिक सामग्री और अन्य संसाधनों को हुए नुकसान का भी आकलन करने का निर्देश दिया है. विभाग का कहना है कि बाढ़ के कारण विद्यालय बंद होने की स्थिति में भी बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए.

बाढ़ प्रभावित स्कूलों का ब्योरा
शिक्षा विभाग की ओर से सभी संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई. बैठक में शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेन्द्र कुमार ने अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में बाढ़ से प्रभावित विद्यालयों की मौजूदा स्थिति का आकलन कर अद्यतन आंकड़ा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इसमें कितने स्कूल प्रभावित हैं, उनकी स्थिति क्या है और बाढ़ के कारण किस स्तर तक नुकसान हुआ है, इसकी जानकारी शामिल करने को कहा गया है.
शिक्षकों की राहत शिविरों में प्रतिनियुक्ती
शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि खास तौर पर उन स्कूलों को लेकर निर्देश जारी किया है, जहां बाढ़ के कारण पढ़ाई बंद है और वहां नामांकित बच्चे फिलहाल राहत शिविरों में रह रहे हैं. ऐसे विद्यालयों के शिक्षकों को तत्काल संबंधित राहत शिविरों में प्रतिनियुक्त करने को कहा गया है.

बाढ़ से शिक्षा व्यवस्था पर असर
डीईओ को बाढ़ से विद्यालय भवनों को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करने को कहा गया. इसके साथ ही स्कूलों में मौजूद शैक्षणिक सामग्री, फर्नीचर और अन्य जरूरी संसाधनों को हुए नुकसान की भी जानकारी मांगी गई है. अधिकारियों को सभी आंकड़े स्पष्ट और अद्यतन रूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, जिससे बाढ़ से शिक्षा व्यवस्था पर पड़े असर का सही आकलन किया जा सके.

क्यों मांगी जा रही रिपोर्ट
विभाग का मानना है कि जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित विद्यालयों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकेगी. स्कूल भवनों की मरम्मत से लेकर क्षतिग्रस्त संसाधनों की भरपाई और बच्चों की पढ़ाई को सामान्य करने के लिए इसी रिपोर्ट को आधार बनाया जा सकता है.

बाढ़ की चपेट में कई जिले
दरअसल, बिहार हर साल बाढ़ की चुनौती से जूझता है. गंगा, गंडक, कोसी और अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से उत्तर बिहार के कई जिलों में निचले इलाकों में पानी फैल जाता है. इस बार भी सोन, गंगा, घाघरा, पुनपुन, गंडक, कोसी, बागमती जैसी नदिया खतरे की निशान से ऊपर हैं और कई जिले बाढ़ की चपेट में है. इसका सीधा असर आम जनजीवन के साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है. कई जगह स्कूल भवन पानी से घिर गए हैं.