ASI ने पहले कहा ‘वायरल कर दूंगा’, फिर होटल में क्या हुआ? दिल्ली की महिला इनफ्लुएंसर के आरोप से मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर: सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाहत आज कितनी महंगी पड़ सकती है? बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आया एक मामला इस सवाल को और गंभीर बना रहा है। दिल्ली की एक महिला सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ने एसएसबी के एक एएसआई और उसके साथी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराने और फॉलोअर बढ़ाने का झांसा देकर मुजफ्फरपुर बुलाया गया। इसके बाद स्टेशन रोड के एक होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया और कथित तौर पर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पीड़िता अकेली शिकायतकर्ता नहीं है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ की दो अन्य महिला इनफ्लुएंसरों ने भी इसी एएसआई पर अश्लील मैसेज भेजने और शोषण के आरोप लगाए हैं। यानी सवाल सिर्फ एक शिकायत का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया नेटवर्क की आड़ में महिलाओं से कथित संपर्क और शोषण के आरोपों का है।

पहले वायरल कराने का ऑफर, फिर होटल में क्या हुआ?

दिल्ली की महिला ने अपनी ऑनलाइन शिकायत में आरोप लगाया है कि एसएसबी के कम्युनिकेशन विभाग में तैनात एएसआई ने उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराने और फॉलोअर बढ़ाने का भरोसा दिया था। इसी सिलसिले में वह सात दिसंबर 2025 को अपने दो साल के बच्चे के साथ दिल्ली से मुजफ्फरपुर पहुंची। महिला के मुताबिक, उसे स्टेशन रोड के एक होटल में ठहराया गया। आरोप है कि वहां एएसआई के साथी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और इसका वीडियो भी बना लिया। महिला ने विरोध किया तो कथित तौर पर उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई।

यहीं से कहानी का सबसे खौफनाक हिस्सा शुरू होता है। महिला का दावा है कि घटना के बाद वीडियो के नाम पर उसे लगातार ब्लैकमेल किया गया। आरोप है कि उससे 20 हजार रुपये भी लिए गए और आगे पैसे नहीं देने पर वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी गई।सवाल यह है कि अगर आरोप सही हैं तो सोशल मीडिया पर पहचान और पहुंच बढ़ाने का लालच किस तरह एक महिला को कथित ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसा गया? और इस पूरे मामले में एएसआई की कथित भूमिका क्या थी?

 

शिकायत करने गई तो बयान बदलने का दबाव?

पीड़िता ने पहले एसएसबी मुख्यालय में ऑनलाइन शिकायत भेजी थी। इसके बाद मुजफ्फरपुर स्थित एसएसबी सेक्टर मुख्यालय की ओर से उसे गवाही देने के लिए बुलाया गया। सात सितंबर को वह अपना बयान देने पहुंची।लेकिन महिला का आरोप है कि वहां उस पर बयान बदलने और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।अब मामला नगर थाने तक पहुंच गया है। पुलिस का कहना है कि महिला के ऑनलाइन आवेदन की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यहां सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर शिकायत में लगाए गए आरोपों में दम नहीं है तो जांच का सामना करने के बजाय शिकायत वापस लेने का दबाव क्यों? हालांकि यह आरोप पीड़िता की ओर से लगाए गए हैं और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

लखनऊ की दो और इनफ्लुएंसर सामने आईं

मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब लखनऊ की दो महिला इनफ्लुएंसरों ने भी इसी एएसआई के खिलाफ शिकायत की। दोनों ने सोशल मीडिया पर अश्लील संदेश भेजने और शोषण के आरोप लगाए हैं। इन दोनों को भी गवाही के लिए मुजफ्फरपुर बुलाया गया था। लखनऊ से पहुंची दोनों महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन पर भी शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। दोनों ने अहियापुर थाने में सनहा दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया है। अब जांच एजेंसियों के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, बल्कि यह भी है कि क्या अलग-अलग जगहों की शिकायतों के बीच कोई साझा कड़ी है?

हर रविवार पार्क में जुटते थे सोशल मीडिया से जुड़े लोग?

दिल्ली की महिला ने अपनी शिकायत में एक और गंभीर दावा किया है। उसका आरोप है कि एएसआई हर रविवार को मुजफ्फरपुर के सिटी पार्क में सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को ट्रेनिंग देने के नाम पर जुटाता था।महिला का दावा है कि इसी नेटवर्क के जरिए इनफ्लुएंसरों को जोड़ा जाता था और कथित तौर पर ठगी व महिलाओं के शोषण का खेल चलता था।हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए जांच इस दावे की भी पड़ताल करेगी कि पार्क में वास्तव में किस तरह की गतिविधियां होती थीं, वहां कौन-कौन लोग आते थे और सोशल मीडिया ट्रेनिंग के नाम पर क्या किया जाता था।

अब जांच से खुलेगा पूरा राज

फिलहाल इस मामले में आरोप गंभीर हैं, लेकिन आरोप साबित होना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि होटल में क्या हुआ, कथित वीडियो किसने बनाया, पैसे की मांग किसने की और शिकायत वापस लेने के दबाव के आरोपों में कितनी सच्चाई है।लेकिन इस मामले ने सोशल मीडिया की चमकदार दुनिया के पीछे छिपे एक कड़वे सवाल को जरूर सामने ला दिया है—क्या वायरल होने और फॉलोअर बढ़ाने की चाहत का फायदा उठाकर किसी को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है?अब नजर पुलिस की जांच पर है। अगर आरोपों में सच्चाई मिली तो यह सिर्फ एक महिला के साथ कथित अपराध का मामला नहीं रहेगा, बल्कि सोशल मीडिया के नाम पर चल रहे ऐसे नेटवर्क की भी पोल खोल सकता है, जहां भरोसा, पहचान और वायरल होने का लालच कथित तौर पर हथियार बन जाता है।

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