पटना : बाढ़, बिहार की नियती बन चुकी है. नेपाल में बारिश हो और उसका सीधा असर बिहार में दिखाई पड़ता है. एक बार फिर से कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. बिहार में बाढ़ के यू-टर्न ने काफी तबाही मचायी है. लाखों लोगों की परेशानी बढ़ी हुई. पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतमढ़ी, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना सहित कई जिले इससे प्रभावित हैं. प्रशासन इसको लेकर अलर्ट है.

सारण में तटबंध टूटा, बाढ़ से तबाही
सारण जिले में तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. मकेर प्रखंड में तटबंध टूटने से बड़ी मात्रा में पानी फैल गया है. इससे मकेर प्रखंड की सभी पंचायतें और अमनौर प्रखंड की कुछ पंचायतें प्रभावित हुई हैं. पानी का तेज बहाव परसा प्रखंड की ओर भी हो रहा है.
18 पंचायतों के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित
बाढ़ का पानी कुछ स्थानों पर एनएच-722 पर चढ़ जाने से आवागमन और संपर्कता प्रभावित हुई है. जिला प्रशासन के अनुसार, बुधवार की शाम तक जिले की 18 पंचायतों के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित थे. प्रभावित आबादी करीब 24,725 और लगभग 4,220 परिवार हैं. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है.

33 नावें और एक बोट एंबुलेंस उपलब्ध
वैभव श्रीवास्तव के मुताबिक, एसडीआरएफ की करीब 40 सदस्यों वाली एक अतिरिक्त टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाई गई है. प्रभावित क्षेत्रों में 33 नावें और एक बोट एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं. पांच चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं. पशु चिकित्सा के लिए भी शिविर की व्यवस्था की गई है. एक राहत केंद्र में करीब 50 लोगों के रहने की व्यवस्था है.
रातभर DM वर्षा सिंह कराती रहीं मरम्मत
वैशाली में स्थिति भयावह दिखाई पड़ रही है. वाल्मीकिनगर बराज से 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा एवं गंडक नदी में अचानक जलस्तर बढ़ गया. गंडक नदी के निचले इलाके में रहने वाले लोग बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर हैं. सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है और लोग ऊंचे स्थान पर शरण लिए हुए हैं.

मौके पर पहुंची DM
लालगंज प्रखंड क्षेत्र में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच यूसुफपुर पंचायत के पीरापुर स्थित वार्ड संख्या-5 के विभिन्न स्थानों पर रिंग बांध में रिसाव एवं कटाव की सूचना मिली. इसके बाद वैशाली जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने तत्काल स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.
मुजफ्फरपुर में नारायणी गंडक नदी का तटबंध टूटा
बिहार के मुजफ्फरपुर में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के बीच बाढ़ का संकट और गहरा गया है. पारू प्रखंड के जयमल डुमरी इलाके में नारायणी गंडक नदी का तटबंध टूट गया है. तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के गांवों और निचले इलाकों में फैल रहा है. अचानक पानी फैलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. कई परिवार घर छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं.

कई इलाकों में घुसा पानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था. कई जगहों पर तटबंध के ऊपर से भी पानी का बहाव हो रहा था. लगातार बढ़ते दबाव के बीच जयमल डुमरी में तटबंध टूट गया. इसके बाद आसपास के इलाकों में तेजी से पानी फैलने लगा.
दूसरे तटबंध को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता
तटबंध टूटने के बाद ग्रामीणों की चिंता दूसरे कमजोर तटबंध को लेकर भी बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर गंडक नदी का दबाव इसी तरह बना रहा तो दूसरे तटबंध पर भी खतरा बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में आसपास के कई और गांवों में बाढ़ का पानी फैलने की आशंका है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने, कमजोर तटबंध वाले इलाकों की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की मांग की है.
ग्रामीणों में आक्रोश
तटबंध टूटने के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिल रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय रहते तटबंध की मरम्मत और निगरानी की जाती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था. स्थानीय लोगों चंदन कुमार, बैजू पासवान और छोटे मुखिया ने बताया कि पानी तेजी से फैल रहा है और लोगों को अपने घरों से निकलने में परेशानी हो रही है.

प्रशासन ने शुरू किया राहत-बचाव कार्य
तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. तिरहुत आयुक्त गिरवर दयाल सिंह ने बताया कि तटबंध टूटा है. सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, एसडीएम वेस्ट, सीओ और बीडीओ समेत संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है.
पश्चिम चंपारण में बाढ़ से तबाही का मंजर
इधर, गंडक नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से पश्चिम चंपारण में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है. बागाहा गेज पर नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो 2024 में दर्ज किए गए पिछले उच्चतम स्तर से अधिक है. जलस्तर में इस उछाल से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है और कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे राहत और पुनर्वास कार्यों में लगी एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.

CM सम्राट ने किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के गंगा घाटों का निरीक्षण किया. पटना में गंगा एक बार फिर से खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है. सितंबर में भी गंगा उफान पर थी और गांधी घाट से लेकर पटना के सभी घाट का पिछला सारा रिकॉर्ड गंगा ने तोड़ दिया था. सम्राट मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वायु सेना से भी मदद मांगी है.
गंगा-गंडक दोनों ने इस बार बनाया रिकॉर्ड
गंगा घाटों का निरीक्षण करने के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अभी और सतर्क रहने की जरूरत है. इस बार गंगा और गंडक दोनों ने रिकॉर्ड बनाया है. सोन में भी हाईएस्ट लेवल पर पानी पहुंच गया था.