डीजीपी की अपील : अपराध की संस्कृति भी मिटा देना चाहते हैं

PATNA : बिहार के नये डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय पूरे एक्शन में हैं और लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार और पुलिस की पहली प्राथमिकता बिहार में कानून का राज स्थापित करना है अपराधियों में कानून के प्रति भय पैदा करना है। उन्होंने अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आमलोगों से अपील की है कि वे बिहार में सुशासन का राज स्थापित करने में पुलिस की मदद करें और एक आम नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेवारी समझें और उसे निभाएं।

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा है कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। सुशासन का मतलब अपराध नियंत्रण और कानून का राज। कानून तोड़ने वालों को कड़ी-से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अपराधियों को अपराध के बाद ऐश करने का मौका नहीं मिलेगा। बिना जन सहयोग के अपराध और अपराधियों के खिलाफ लड़ाई अधूरी है। प्रतिशोध से प्रेरित होकर कभी काम नहीं किया। कई जिलों में एसपी रहा, आईजी रहा डीआईजी रहा। समाज के निचले पायदान पर खड़े लोागों को न्याय दिलाने का काम किया है।

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि भीड़ भी विधि व्यवस्था में रूकावट पैदा करती है। दुर्घटनाओं के बाद लोग गाड़ियों को जलाने लगते हैं, भीड़ इकट्ठा हो जाती है लोग कानून अपने हाथ में लेने लगते हैं। माॅब लिंचिंग की वजह से पूरे देश में बिहार की बदनामी होती है। कानून अपने हाथ में लेना जंगलराज का परिचायक है। कानून अपराधियों को सजा देगा आमलोग कानून हाथ में लेना सही नहीं। सबलोग मिलकर बिहार में सुशासन लाएंगे।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रहे अफवाहों को लेकर भी समाज में तनाव पैदा होता है लोग आपस में लड़ जाते हैं। त्योंहारों पर उत्पन्न होने वाले तनाव से पुलिस महकमें पर बोझ पड़ता है गरीब आमजनता पर बोझ पड़ता है। अपराधियों को जाति मजहब और दलीय आधार पर समाज में संरक्षण मिलता है। जाति और मजहब के आधार पर अपराधियों को संरक्षण देने उनका महिमामंडन करने से हमारे बच्चे में इसका गलत संदेश जाता है। आमजन अपराध और अपराधियों का बहिष्कार करें।

पुलिस पदाधिकारी और थानाध्यक्ष निष्पक्ष होकर कार्य करें, खुद की छवि और निष्पक्ष और बेदाग रखें जिससे समाज में बेहतर संदेश जाये। फरियादियों, मीडियाकर्मियों, जनप्रतिनिधियों से शालीनता और इज्जत के साथ पेश आयें। किसी के दबाव में किसी भी तरह का अनैतिक कार्य न करें, क्षेत्र के आपराधिक छवि और असामाजिक तत्वों की लिस्ट बनायें और कार्रवाई करें।

विधि व्यवस्था संधारण और कानूनसम्मत कार्य के अलावा किसी किसी भी तरह के अनैतिक कार्य में लिप्त पाए गए तो तत्काल उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अच्छा कार्य करने वाले एक सिपाही को भी डीजीपी की हैसियत से सेल्यूट करूंगा और उन्हें पटना बुलाकर मंच पर उन्हें सम्मानित किया जायेगा।

उन्होंने कहा यूथ ब्रिगेड में उन्हें ऐसे नौजवानों की आवश्यकता है जो किसी भी तरह का नशा न करते हों, अपराधियों से किसी भी तरह की सांठगांठ ना रखते हो और समाज के लिए कुछ अच्छा करने की चाहत रखते हैं वह हमारे साथ जुड़ सकते हैं।

महज 2 प्रतिशत अपराधी हैं बिहार में। अपराधियों के महिमा मंडन से उनकी ताकत बढ़ती है और कम उम्र के बच्चे या नौजवान उन्हें अपना आदर्श मान लेते हैं। ऐसे लोगों की जगह विवेकानंद आदर्श क्यों नहीं हो सकते। अपराध नहीं अपराध की संस्कृति मिटाने की बात होगी। इसके लिए अपराधियों के प्रति नफरत और उपेक्षा का भाव होना चाहिए। आमलोगों का कम से कम इतना योगदान होना चाहिए।

ऐसा होने पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आसान होगी पुलिस के लिए। अपराधियों के खिलाफ अभियान चलेगा। अपराधी चाहे जितने रसूख वाले हों उनकी गर्दन तक पुलिस की हाथ पहुंच जाएगी। बालू माफियाओं, खनन माफिया, दारू माफिया पर कार्रवाई होगी।

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