सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए में माथापच्ची थम नहीं रही है. बिहार के सियासी गलियारे में रह–रहकर बयान आते रहते हैं. इसे लेकर एक बार जदयू की ओर से बयान आया है. इस बार सीट शेयरिंग पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने बयान दिया है. उन्होंने मंगलवार को मीडिया से कहा कि यह अब कोई विवाद का मुद्दा नहीं है. बता दें कि सीट शेयरिंग पर लोजपा और रालोसपा का अलग ही राग है.
जदयू के वरीय नेता व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि सीट शेयरिंग को लेकर सबकुछ तय हो गया है. सबकुछ सेटल है. उन्होंने कहा कि सीट शेयरिंग की सिर्फ घोषणा होना बाकी है. जदयू नेता ने कहा कि सीट शेयरिंग की घोषणा समय आने पर हो जाएगी. हालांकि उन्होंने लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान के बयान पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
बता दें कि कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने हाजीपुर जाने के क्रम में पटना में कहा था कि सीट शेयरिंग को लेकर लोजपा को कोई हड़बड़ी नहीं है. सीट शेयरिंग पर कोई विवाद भी नहीं है. समय पर इसका फैसला हो जाएगा. चारों दलों के लोग बैठेंगे तो कोई परेशानी नहीं होगी.
इतना ही नहीं, कल 1 अक्टूबर को भी लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने लाइव सिटीज से बात करते हुए कहा था कि सीट शेयरिंग पर चारों दलों भाजपा, जदयू, लोजपा व रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष बैठेंगे तो रास्ता निकला जाएगा. यदि चारों प्रदेश अध्यक्ष से बात नहीं बनी तो मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास जाएगा.
हालांकि यह पहला मौका नहीं है कि जदयू ने इस तरह का दावा किया है. इसके पहले प्रशांत किशोर के जदयू में शामिल होने के दौरान भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद ही कहा था कि सीट शेयरिंग पर सम्मानजनक समझौता हो गया है, लेकिन सियासी गलियारे में एनडीए के घटक दलों में इसे लेकर सब शांति है. बहरहाल एक बार फिर जदयू ने इस मुद्दे को गरमा दिया है. जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के दावे के बाद अब देखना रोचक होगा कि एनडीए के बाकी घटक दल अब क्या बयान देते हैं. हालांकि रालोसपा पहले ही कह चुकी है कि सीट शेयरिंग अभी कुछ नहीं हुआ है.