मुजफ्फरपुर/मड़वन. करजा थाने के खलीलपुर निवासी अंडा और हार्डवेयर व्यवसायी जयप्रकाश नारायण का अपहरण के बाद डेढ़ करोड़ की फिरौती के लिए अपराधियों ने सोमवार को सीने व सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। रविवार को किसी शिवानी नाम की लड़की ने कॉल कर जमीन दिखाने के बहाने जय प्रकाश को बुलाया था।
अपराधियों ने फिरौती के लिए डेढ़ करोड़ का चेक जयप्रकाश से उसके पिता व व्यवसायी के मैनेजर के नाम से जारी कराया। अकाउंट में रुपए नहीं रहने के कारण बैंक ने चेक लौटा दिया। सोमवार की रात 8 बजे व्यवसायी का मोबाइल बंद होने पर परिजनों को अनहोनी का शक हुआ। तब छोटे भाई ओमप्रकाश अपहरण की शिकायत दर्ज कराने करजा थाने पहुंचा।
प्रभारी थानेदार से फोन पर बात हुई तो थानेदार ने कहा मैडम (एसएसपी हरप्रीत कौर) की फेयरवेल पार्टी में हैं। सुबह में आइए। मंगलवार की सुबह थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद उसकी हत्या कर शव पोखरैरा में एनएच किनारे फेंक दिया। शव बरामदगी के बाद लोगों ने करजा में सड़क पर उतर कर हंगामा किया। अब तक व्यवसायी की लाल बुलेट बरामद नहीं हो सकी है।
अपराधियों के साथ जमीन डीलिंग करने का मामला है। उन्हें साजिश रचकर घर से कॉल कर बुलाया गया था। चकमा देने के लिए कॉल कर परिजनों से बात भी कराई गई। चेक बुक भी मैनेजर से मंगाई गई। चेक साइन करके भी लौटाया गया। पूरे मामले की छानबीन के लिए टीम गठित कर दी गई है। -मनोज कुमार, एसएसपी
हनी ट्रैप : लड़की के सहारे व्यवसायी को फंसाया
जमीन दिखाने के बहाने जब जयप्रकाश की पत्नी के मोबाइल पर कॉल की गई थी, उस समय लकड़ीढाही स्थित किराए के आवास पर थे।
कॉल करने वाली ने अपना नाम शिवानी बताया था। खुद को रिटायर्ड सरकारी सेवक की पुत्री बताया।
उसके काफी आग्रह पर पत्नी ने जयप्रकाश से बात कराई। इसके बाद जयप्रकाश घर से निकल गए।
मोबाइल कॉल डिटेल जांच में दो दिन पहले भी उसी नंबर से जयप्रकाश की कई बार बात हुई है। पुलिस को आशंका है कि व्यवसायी को फांसने के लिए गिरोह ने लड़की को आगे किया।
फोन करने पर पत्नी को बताया था कि पटना आ गए हैं, बार-बार फोन मत करो
कारोबारी के छोटे भाई ओमप्रकाश नारायण ने बताया कि रविवार को भैया को अख्तियारपुर में जमीन का प्लॉट दिखाने के बहाने जयप्रकाश को बुलाया।
शाम तक नहीं लौटे तो पत्नी ने फिर कॉल किया। उन्होंने बताया कि कुछ काम से पटना चले आए हैं। आने में लेट होगी या कल आएंगे। बार-बार कॉल मत करो।
भगवानपुर में बाइक सवार ने मैनेजर से लिए चेक
सोमवार को जयप्रकाश के मोबाइल से ओमप्रकाश के मोबाइल पर कॉल आई। उन्होंने मैनेजर संजय कुमार के हाथ भगवानपुर भामासाह द्वार के पास चेक बुक भेजने के लिए कहा।
वहां बाइक सवार युवक ने संजय से चेकबुक लेकर रुकने के लिए कहा। युवक दुबारा लौटा और उसने संजय को जयप्रकाश के हस्ताक्षरित 4 चेक भुगतान को दिए।
व्यवसायी के बैंक अकाउंट में थे महज 16 हजार रुपए
अपहृत जयप्रकाश नारायण ने 50 और 25 लाख के दो चेक पिता रामपुकार भगत और 75 लाख रुपए के दो चेक संजय के नाम से जारी किए थे।
मैनेजर संजय चेक लेकर घर लौटा तो जयप्रकाश के पिता अवाक रह गए। उन्हें पता था कि खाते में इतनी राशि नहीं होगी। बैंक मैनेजर ने खाते में महज 16 हजार रुपए होने की बात कहकर चेक लौटा दिया।