PATNA (ARUN) : पटना यूनिवर्सिटी में शूटर श्रेयसी सिंह के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे डीजीपी ने श्रेयशी सिंह को सम्मानित करते हुए युवतियों-महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पटना एसएसपी गरिमा मल्लिक के नेतृत्व में एक सेल बनाने का भी ऐलान किया. इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि अपराधियों व छेड़खानी करनेवालों का पता चलते ही पुलिस को सूचना दें.

इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए डीजीपी श्री पांडे ने कहा कि अपराधियों के मन में पुलिस प्रशासन और कानून का इतना खौफ देखना चाहता हूं ताकि अपराधी भागते नजर आए और पुलिस उन्हें दौड़ती नजर आए। उन्होंने कहा कि जो माफिया गिरी करेंगे बालू शराब और जमीन का अवैध धंधा करेंगे और इसमें जो भी पुलिस पदाधिकारी सन लिप्त पाए जाएंगे वह हरगिज नहीं बच सकेंगे। बिहार के तमाम जिलों में लगभग 1454 थाने हैं, मैं बिहार के किसी भी थाने में कभी भी पड़ताल के लिए पहुंच सकता हूं। उन्होंने तमाम पुलिस पदाधिकारियों से अपील की कि मन लगाकर निष्पक्ष होकर सेवा भाव से कार्य करें, जिससे समाज में अच्छा संदेश जाये और पुलिस प्रशासन की सकारात्मक छवि बन सके।

बिहार पुलिस की उपलब्धि के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि विगत एक सप्ताह के अंदर मुजफ्फरपुर में हुए 10 करोड़ सोना लूटकांड को 72 घंटे के अंदर पटाक्षेप करते हुए सोना बरामद किया गया. 3AK 47 राइफल के साथ 2000 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किया गया, गोली के बदले गोली चला कर 12 कुख्यात अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने का काम बिहार पुलिस द्वारा किया गया. नरसंहार के आरोपियों को पकड़ा गया, साथ ही कई हथियार बरामद किये गए. 3 दिनों में पटना में 91 फरार वारंटियों को गिरफ्तार करने में पुलिस ने सफलता हासिल की है. पटना के सेंट्रल मॉल में हुए चोरी के 71 लाख रुपये बरामदगी की गयी.

उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस विभाग के सभी पुलिसकर्मी इसी तरह जान प्राण लगा कर ऐसे ही कार्य करते रहे. बिहार में सुशासन को कायम रखते हुए पूर्णतः शराबबंदी कानून को लागू करना और अपराध और अपराधियों को जड़ से मिटा देना हमारी पहली प्राथमिकता है, जिसपर हमारी टीम और पूरी फोर्स लगातार जीतोड़ मेहनत कर रही है.

उन्होंने पटना एसएसपी गरिमा मल्लिक के नेतृत्व में सेल का गठन करने मामले पर कहा कि इस सेल की मॉनिटरिंग पटना की एसएसपी खुद करेंगी. छात्र-छात्रा किसी भी तरह की घटना होने व छेड़खानी करनेवालों की सूचना पुलिस को तुरंत दे सकती हैं. 24 घंटे के भीतर आरोपी को लड़कियों के कदमों में डाल देने का काम सेल के पुलिसकर्मियों का होगा. चूहे के बिल से भी अपराधियों को बाहर निकाल लिया जाएगा.
