
PATNA (ARUN): बिहार के कॉलेज में पढ़ने वाले युवा, छात्र-छात्रा बिहार में किस तरह का बदलाव चाहते हैं? अपराध को लेकर इनका क्या नजरिया हैं? अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था संधारण को लेकर बिहार के युवा किस तरीके का सुझाव पुलिस को देना चाहते हैं? इस तरह के कई सवालों पर अपनी बातों को रखने का युवाओं और छात्र-छात्राओं को बड़ा अवसर पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आज से बिहार पुलिस सप्ताह कार्यक्रम के दौरान मिला. बिहार पुलिस सप्ताह कार्यक्रम का उदघाटन प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय, डीजी सुनील कुमार, अरविन्द पाण्डे, आलोक राज, एसके सिंघल समेत प्रदेश के कई अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहें।

पांच दिनों तक चलने वाले इस पुलिस सप्ताह के दौरान पहली बार पुलिस अधिकारियों और छात्रों के बीच सीधी बातचीत हो हो रही है, जिसका आने वाले दिनों में असर देखने को मिलेगा. डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर की समस्या छात्रों द्वारा भी उत्पन्न की जाती है। इसलिए इस बार कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी उनसे सीधा संपर्क करेंगे। इस दौरान उनकी समस्याओं की पूरी जानकारी ली जायेगी। वहीं उन्हें कानून-व्यवस्था को तोड़ने की जगह उनसे पुलिस प्रशासन का सहयोग किये जाने की अपील की जायेगी। डीजीपी ने कहा कि पुलिस द्वारा उनसे सीधे तौर पर संपर्क और बातचीत करने से उनमें साकारात्मक सोच पैदा होगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश के भविष्य है और उनकी साकारात्मक सोच से समाज और देश दोनों की तस्वीर बदल सकती है।

कार्यक्रम के दौरान डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय दोस्तों और सहपाठी की तरह छात्रों के साथ पेश आते हुए उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना और उन्हें जल्द ही दूर करने का आश्वासन भी दिया. साथ ही नए बिहार के निर्माण में उनसे बेबाक कई सुझाव भी मांगे. अपनी चिर-परिचित शैली में कुछ मिनटों में ही सभा के दौरान अपने अभिभाषण से मौजूद युवाओं और उपस्थित अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर लिया. छात्रों से किसी भी तरह की समस्या होने पर पुलिस प्रशासन की मदद लेने और पुलिस द्वारा भी उन्हें भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया. उन्होंने छात्रों से कहा- भीड़ का हिस्सा न बने, साथ ही उन्माद-आवेश में आकर कानून न तोड़ने की हिदायत देते हुए समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने, समाज-देश को एक नयी दिशा देने में सहयोग करने के साथ ही एक शिक्षित, सभ्य, संस्कारवान और निष्ठावान नागरिक बनने की अपील की. अपराधियों का महिमामंडन करने से समाज-देश में इसका गलत संदेश जाता है. अपराधियों के महिमा मंडन से उनकी ताकत बढ़ती है और युवा उन्हें अपना आदर्श मान लेते हैं. ऐसे लोगों की जगह विवेकानंद जैसे महापुरुषों को अपना आदर्श बनायें. अपराध और अपराधियों का बहिष्कार करें.
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22 फरवरी से 27 फरवरी तक चलने वाले इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में इनडोर और आउटडोर प्रोग्राम को शामिल किया गया हैं. अपराध एवं अनुसंधान विभाग द्वारा आयोजित इस प्रोग्राम में ट्रेनिंग देने के लिए कई राज्यों से विशेषज्ञ आएं हैं. वहीं प्रतिदिन एडीजी, आईजी एवं एसपी, राउंडअप ट्रेनिंग देंगे।
सूबे के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा-कानून बनने से कोई भी अपराध पूरी तरह से खत्म नहीं होता है। इतना जरूर है कि कानून से किसी भी तरह के अपराध में कमी जरुर आती है। कार्यक्रम के दौरान मीडिया द्वारा प्रदेश में शराबबंदी लागू होने और कड़े कानून के बावजूद इसकी अवैध बिक्री को लेकर पूछे गये सवाल पर डीजीपी ने कहा कि किसी भी अपराध के लिए कानून होने और सजा का प्रावधान होने के बावजूद वह पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है। बिहार में अवैध शराब और मादक पदार्थों को पकड़ने के लिए तेलंगाना के हैदराबाद से आये 20 प्रशिक्षित स्निफर डॉग मँगाने की वजह शराबबंदी कानून को पूरी तरह लागू करने संबंधी मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए डीजीपी श्री पाण्डेय ने कहा कि इन्वेस्टीगेशन में स्निफर डॉग का इस्तेमाल तो अंग्रेज़ो के ज़माने से पुलिस विभाग लेती आ रहे हैं. और ये सभी तेलंगाना के हैदराबाद से आये विशेष रूप से प्रशिक्षित कुत्ते हैं जिन्हे इसी कार्य के लिए प्रशिक्षित किया गया है. इनसे हमारे पुलिसकर्मियों को काफी मदद मिलेगी.

डीजीपी ने कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराध के लिए उम्र कैद और यहां तक की फांसी की सजा का प्रावधान है। अपराधी अपना पूरा जीवन जेल के अंदर गुजार देते है, बावजूद इसके हत्याएं होती है। यही बात शराबबंदी पर भी लागू होती है। गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद इसकी अवैध बिक्री हो रही है, लेकिन कितना? उन्होंने कहा कि शराबबंदी से पहले शाम के वक्त स़ड़कों पर नशे में खुलेआम गुंडागर्दी होती थी, जिसके मैं स्वंय देख चुका हूं। लेकिन आज स्थिति क्या है वो आपके सामने है। डीजीपी ने कहा कि कानून को तोड़ने वाले 2-4 प्रतिशत लोग ही होते है। वैसे लोग सिस्टम के अंदर और बाहर दोनों जगह होते है, और उनके लिए ही कानून होता है।

डीजीपी श्री पाण्डेय ने कहा कि मौजूदा हालात पर अभी ज़्यादा फोकस किया जा रहा है, जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक है, चुनाव कैसे निष्पक्ष और शांतिपूर्ण हो तथा हिंसारहित हो. इसके लिए सम्पूर्ण तैयारी कर ली गयी है, सभी पदाधिकारी शांतिपूर्ण लोकसभा चुनाव को लेकर मुस्तैद व सजग हैं. उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि-बिहार में ऐतिहासिक, निष्पक्ष और हिंसारहित चुनाव संपन्न होगा.
