हिसार. चिट फंड कंपनी फ्यूचर मेकर लाइफ केयर धोखाधड़ी मामले में तेलंगाना की साइबराबाद सिटी पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। वे जेल में बंद कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक (सीएमडी) से मिलने तेलंगाना गए थे। ये लोग एक लाख लोगों को मनी सर्कुलेशन नेटवर्क से जोड़कर करीब तीन करोड़ रुपए कमा चुका हैं।
साइबराबाद सिटी पुलिस कमिश्नर वीसी सजनार ने बताया कि फतेहाबाद के टोहाना निवासी राजपाल सिंह (43) और मध्यप्रदेश के शुजालपुर निवासी मुकेश परमार (38) को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि राजपाल पांचवीं तक पढ़ा है। उसने कंपनी को इतना मुनाफा दिलाया कि वह इसका क्राउन एंबेसडर बन गया था। इसके बैंक खाते में अभी एक करोड़ रुपए आने वाले थे।
वहीं, मुकेश दसवीं तक पढ़ा है। वह कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर था। उसने 40 हजार लोगों को कंपनी से जोड़कर 2 करोड़ रुपए कमाए। उसे जल्द ही कमीशन के तौर पर एक करोड़ रुपए मिलने वाले थे।
इन्होंने कंपनी को करोड़ों का फायदा पहुंचाया, खुद भी करोड़ों रुपए कमाए। इससे ये कंपनी के सीएमडी-एमडी के काफी नजदीक हो गए थे। दोनों ही आरोपी लोगों के पैसों से लग्जरी लाइफ जीने लगे थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ग्रामीण इलाकों के बेरोजगार युवकों और निरक्षर या कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को कम समय में पैसा कई गुना करने का झांसा दिया। वे उनसे कंपनी में पैसा निवेश कराते थे।
सजनार ने बताया की मनी सर्कुलेशन बैनिंग एक्ट के तहत मनी सर्कुलेशन स्कीम में निवेश करने और स्कीम को प्रमोट करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। फ्यूचर मेकर कंपनी मामले में करीब 10% लोग ही करोड़ों रुपए कमाने में सफल हुए हैं। पुलिस इससे पहले सीएमडी राधेश्याम, नेशनल डिस्ट्रीब्यूटर सुंदर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।