105 साल से अपनी अलग पहचान को लेकर तरस रही बिहार पुलिस का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है जब सीएम नितीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्स अब पूरा हो चूका है . जब पूरा पुलिस महकमा एक छत के निचे शिफ्ट होगा. 105 साल बाद बिहार पुलिस का नया मुख्यालय भवन बन के तैयार है. जिसमे बिहार पुलिस का गृह प्रवेश अक्टूबर में मुख्यमंत्री नितीश कुमार करायेंगे.

फिलहाल पुराना सचिवालय के एक हिस्से मे 1917 से पुलिस मुख्यालय काम कर रहा है . बिहार पुलिस का मुख्यालय साढ़े पांच लाख वर्गफीट में बनी है. पूरा परिसर 6.9 एकड़ का है. भवन की ऊंचाई बेसमेट के साथ सात फ्लोर की है.

बिल्डिंग के एक हिस्से में राज्य का छत पर बना पहला हेलीपैड भी है जिसका जल्द ही ट्रायल होगा. बिहार में यह पहला भवन है, जो बेस आइसोलेशन तकनीक के आधार पर बना है. इस तकनीक की खासियत यह है कि रिक्टर स्केल पर अगर नौ की तीव्रता के साथ भी भूकंप आता है तो इस भवन को कुछ नहीं होगा. भूकंप के समय भी यह भवन पूरी तरह से ऑपरेशनल रहेगा. भवन में दस दिनों का पावर और पानी का बैकअप होगा , जबकि बिल्डिंग में सीएम नितीश कुमार से लेकर सभी अधिकारियो के कैबिन स्मार्ट कार्ड से इस्तेमाल किये जा सकेंगे , सुरक्षा के लिहाज़ से पुरे परिसर में इंट्री और एक्जिस्ट भी तकनीक के सहारे रहेगी . डीजीपी के अलावा सीआईडी, स्पेशल ब्रांच, रेल पुलिस, खुफिया विंग, ट्रेनिंग, बीएमपी, वायरलेस सहित सभी विंग के कार्यालय एक ही बिल्डिंग में होंगे। भवन पूरी तरह ऑपरेशनल होगा। यानी क्राइसिस में भवन में सभी विंग के अधिकारी पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर कर सकेंगे। जीपीएस सिस्टम और सेटेलाइट मैपिंग से सभी जिलों के एसपी जुड़े होंगे . जिससे ये पता चल सकेगा की पुलिस की गाड़ियां कहां मूव कर रही हैं। बिहार में पहली बार पुलिस मुख्यालय भवन सचिवालय के बाहर होगा। नया डायरेक्टोरेट की शक्ल में। बिहार में नया पुलिस मुख्यालय भवन बनने की कहानी भी बेहद ख़ास है। साल 2011-12 में नए पुलिस मुख्यालय भवन का कॉन्सेप्ट बिहार के डीजीपी अभयानंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने रखा , जमीन की तलाश हुई, नक्शा और तकनीक के सहारे आर्ट ऑफ़ स्टेट के कांसेप्ट को ध्यान में रख बिल्डिंग का निर्माण शुरू हुआ