
MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले में दिल्ली के साकेत कोर्ट ने शनिवार को ब्रजेश ठाकुर समेत सभी 20 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। अब इनके खिलाफ पॉस्को एक्ट की धाराओं में केस चलेगा। शनिवार को ब्रजेश ठाकुर समेत सभी आरोप कोर्ट में पेश हुए। इनके खिलाफ यौन उत्पीड़न और आपराधिक साजिश रचने का केस चलेगा। गौरतलब है कि मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के विरुद्ध 20 विभिन्न धाराओं के तहत कोर्ट ने आरोप तय किए हैं। पॉक्सो एक्ट सेक्शन 5, जिसमें न्यूनतम सजा 5 साल और अधिकतम उम्रकैद, पोस्को एक्ट सेक्शन 10, जिसमें न्यूनतम सजा 5 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा और 376 (2), जिसमे न्यूनतम 10 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है।

इस केस की रोजाना ट्रायल तीन अप्रैल से शुरू होगी और उस दिन गवाहों के बयान दर्ज होंगे. सुप्रीम कोर्ट ने साकेत कोर्ट से 6 महीने में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया था. पिछले जुलाई महीने में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सरकारी सहायता प्राप्त एक शेल्टर होम में 16 बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले ने सूबे सहित पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. पीड़ित बच्चियों ने अपने एक साथी की हत्या कर शव को परिसर में दफनाने का आरोप भी लगाया था. इसी साल मई में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सोशल ऑडिट के दौरान मामले का खुलासा हुआ था.
