
SHEOHAR (ARUN KUMAR) : शिवहर के तरियानी थाना क्षेत्र के कसतुरिया गांव के अपहृत शिक्षक को शिवहर पुलिस ने 12 घंटे के अंदर रक्सौल के एक होटल के समीप से बरामद कर लिया है. एसपी संतोष कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों को बताया कि तरियानी थाना क्षेत्र के ग्राम कसतूरिया के शिक्षक सुरेश प्रसाद का अपहरण किए जाने की कांड तरियानी में दर्ज होने के बाद जिला पुलिस सक्रिय हो गया. जिसकी खोज में विभिन्न लोकेशनों पर पुलिस कार्रवाई तेज कर दी गयी.
इसी बीच रक्सौल के समीप से फोन आने की सूचना पर पुलिस टीम रक्सौल पहुंची, जहां पुलिस ने होटल के समीप टहलने की अवस्था में शिक्षक सुरेश प्रसाद को बरामद कर लिया. उसके बाद पूछताछ में जो शिक्षक ने कहा है, उसके बयान का भी पड़ताल किया जा रहा है. एसपी ने कहा संभवतः पैसे के लिए शिक्षक ने खुद गढ़ी थी अपने अपहरण की कहानी.

एसपी ने बताया अपहृत शिक्षक सुरेश प्रसाद का पुलिस को कहना है कि 18 अप्रैल को शिवहर वार्ड नंबर 15 में अपने दामाद के निर्माणाधीन मकान का काम देखने आए थे. निर्माणाधीन मकान देख कर संध्या में अपने घर के लिए प्रस्थान किया. जब रात्रि तक अपने घर नहीं पहुंचे तो अपहृत शिक्षक का भाई दिनेश राय द्वारा खोजबीन शुरू किया गया. जो मकान में काम कर रहे मजदूरों से भी पूछताछ किया गया.
इस दौरान एक मोबाइल फोन आया आठ नौ लाख रुपए का व्यवस्था रखिए. फिर रुपया का बात करेंगे मोबाइल बंद कर दिया गया. जिसकी सूचना दिनेश राय ने तरियानी थाना को दी. पुलिस मामले दर्ज कर इसकी सूचना दी गई. प्राप्त सूचना के आधार पर शिवहर डीएसपी राकेश कुमार, तरियानी थाना अध्यक्ष राम अशीष कांमति, पुअनि युसूफ अंसारी, अमर कुमार को शामिल कर पुलिस टीम तकनीकी शाखा के साथ अनुसंधान को आगे बढ़ाया गया.
एसपी ने बताया कि शिक्षक के छिपने के संभावित ठिकानों पर पुलिस ने छापामारी शुरू कर दी गयी. 20 अप्रैल को प्रातः में कावेरी होटल रक्सौल के पास से सुरेश कुमार को सड़क पर घूमते हुए शिवहर पुलिस टीम ने सकुशल बरामद कर लिया. एसपी ने आगे कहा की बरामदगी उपरांत इनके पास से उनका मोबाइल फोन और सभी सामान भी सही सलामत पाया गया.

अपहरण की घटना के संबंध में कुछ भी बताने से शिक्षक ने इंकार किया है. सिर्फ इनके द्वारा यह बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो पर सवार चार अपराध कर्मियों द्वारा इनके पैदल जाने के क्रम में गाड़ी रोक कर बैठा लिया गया. उनके पास कोई हथियार नहीं था. इनको मोतिहारी जिला के रक्सौल लेकर चले गए.
इनके अनुसार गाड़ी में ले जाने के क्रम में कोई भी अपराधी आपस में बातचीत भी नहीं कर रहा था और ना ही इनसे बातचीत की. इनके द्वारा ही अपने मोबाइल से दो बार फोन करके आठ और नौ लाख फिरौती के रूप में देने की व्यवस्था करने को कहा गया. इनके साथ कोई मारपीट नहीं की गयी. यहां तक की अपहरणकर्ता इनके किसी परिवार के सदस्यों से भी बात नहीं किए.

अपहरण की घटना संदेहास्पद
एसपी ने कहा कि पुलिस के द्वारा घटना के बारे में पूछताछ करने पर शिक्षक का बयान अविश्वसनीय लग रहा है. इसकी जांच की जा रही है. ऐसा प्रतीत होता है कि शिक्षक ने पैसा की लालच में किसी के कहने पर खुद के अपहरण किये जाने की साज़िश रची. जिस जाल में वे खुद फंस रहे हैं. नियोजित शिक्षक 3 महीने में बाद अवकाश ग्रहण कर लेंगे. एसपी ने कहा इनका दामाद दिल्ली में कारोबार करते हैं. अच्छी आमदनी है उसी से पैसा लेने के लिए साजिश रची गई थी. शिवजी राय तरियानी थाना क्षेत्र के राजाडीह गांव के निवासी हैं. इनके ही मोबाइल पर पैसा देने के बात कर रहे थे.
