
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : मुजफ्फरपुर समाहरणालय परिसर में बुधवार शाम से वैशाली लोकसभा संसदीय क्षेत्र के एनडीए प्रत्याशी वीणा देवी के नामांकन रद्द करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर महागठबंधन से राजद प्रत्याशी डाॅ. रघुवंश प्रसाद सिंह पांच घंटों तक धरने पर बैठे रहें. देर रात गये धरना का समाप्त करते हुये कहा कि सत्तासीन पार्टी द्वारा चुनाव आयोग के बनाये गए नियम और न्यायालय के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है, हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

इससे पूर्व महागठबंधन समर्थकों द्वारा देर रात तक प्रशासन विरोधी नारे लगाये जाते रहे. महागठबंधन समर्थित राजद प्रत्याशी डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह अपने हजारों समर्थकों के साथ मौके पर समर्थकों संग प्रशासन विरोधी नारेबाजी भी की.

मीडिया से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि एनडीए प्रत्याशी वीणा देवी ने नामांकन के समय 2005 में दर्ज आपराधिक मुकदमे को छुपाते हुये नामांकन परचा दाखिल किया है तथा राज्य सरकार के इशारे पर दवाब में जिला निर्वाचन पदाधिकारी उनके नामांकन को रद्द नहीं कर रहे हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि वैशाली संसदीय क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी वीणा देवी व उनके पति एमएलसी दिनेश सिंह को चुनाव आयोग के निर्धारित दिशा निर्देश के आलोक में तथ्य छुपाने पर अविलंब गिरफ्तार किया जाना चाहिए. अगर उन दोनों को अविलंब गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों के नेता व कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन के माध्यम से लगातार आंदोलन करेंगे.

वहीं सूत्रों की माने तो वैशाली संसदीय क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी वीणा देवी व उनके पति के खिलाफ वर्ष 2005 में गंभीर आरोपों के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज है. स्थानीय प्रशासन जान बूझकर राज्य सरकार के इशारे पर दोनों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, जिससे निष्पक्ष लोकसभा चुनाव की पारदर्शिता सवालों के कटघरे में है.

मामले की जानकारी के बाद महागठबंधन के कार्यकर्ता काफी आक्रोशित हैं तथा समाहरणालय परिसर में सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं. हंगामे व बवाल की सूचना के बाद मौके पर नगर पुलिस उपाधीक्षक मुकुल कुमार रंजन दलबल के साथ पहुंचकर आक्रोशित हुए महागठबंधन के कार्यकर्ताओं व नेताओं को समझाने की कोशिशें की लेकिन सफल नही हो सके.

पुलिस उपाधीक्षक नगर व पुलिस बल को देखते ही महागठबंदन के नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रशासन विरोधी नारे लगाने लगे स्थिति भांप डीएसपी वापस लौट गए. जबकि राजद प्रत्याशी डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह, राजद विधायक मुन्ना यादव, राजद महानगर अध्यक्ष वसीम अहमद उर्फ मुन्ना सहित काफी संख्या में लोग अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं. मौके पर मौजूद नेताओं का कहना है कि जब तक निर्वाचन विभाग एनडीए प्रत्याशी वीणा देवी की उम्मीदवारी रदद् नहीं होगी, तब तक यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा.

किसी भी स्थिति से निपटने हेतु वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर मौके पर सिटी एसपी नीरज कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक नगर मुकुल कुमार रंजन, पुलिस उपाधीक्षक पूर्वी गौरव पाण्डेय, अनुमण्डलाधिकारी पूर्वी कुंदन कुमार, काजी मोहम्मदपुर थानाध्यक्ष मो. शुजाउद्दीन, नगर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश समेत क्यूआरटी टीम समेत पुलिस बल तैनात थे.

इस मामले में समाहर्ता द्वारा आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में समाहरणालय परिसर में सरकार विरोधी नारे लगाने, सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने और भीड़ जुटाने के आरोप में धारा 188 के तहत 150 से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के निदेश दिये गये हैं.

जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर की पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष, गायघाट विधायक और वर्तमान वैशाली लोकसभा क्षेत्र प्रत्याशी पर वर्ष 2005 के एक आपराधिक मामले का जिक्र नामांकन के दौरान शपथ पत्र में छुपाने का आरोप है. उक्त मामले में लोकसभा प्रत्याशी द्वारा जमानत नहीं लिये जाने की बात कही जा रही थी.

इस आधार पर वैशाली लोकसभा से राजद प्रत्याशी डाॅ. रघुवंश प्रसाद के चुनाव अभिकर्ता ठाकुर धर्मेन्द्र ने परिवाद पत्र दायर कर रिटर्निंग अधिकारी आलोक रंजन घोष को आवेदन देकर वीणा देवी का नामांकन रद्द करने की मांग की है. वहीं वीणा देवी के चुनाव अभिकर्ता ने आरोपों को निराधार बताते हुये विलंब हो जाने के कारण न्यायालय से एलसीआर नहीं मिल सका. उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी को आवेदन देकर समय मांगा था, जिसको देखते हुये प्रत्याशी को गुरुवार 25 अप्रैल तक का समय दिया गया है.
