
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : देश भर में चुनावों के दौरान भारी मात्रा में नकदी बरामद की जा रही है. इन पैसों का कोई वैध हिसाब-किताब सामने नहीं आ रहा है. बुधवार को वाहन जांच के दौरान एक बाईक में रखे लगभग 40 लाख रुपये बरामद करते हुये एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया. पुलिस के वरीय अधिकारी, आयकर विभाग व अन्वेषण विभाग के अधिकारी हिरासत में लिये व्यक्ति से पूछताछ कर रहे हैं. साथ ही पूरे मामले पर चुनाव आयोग के निदेश पर व्यय कोषांग नजर बनाये हुये हैं.

इस बीच तिरहुत रेंज के जोनल आईजी नैयर हसनैन खान ने 39.50 लाख रुपये की बरामदगी पर पुलिस टीम में शामिल कर्मियों को पुरस्कृत करते हुये नगद 10 हजार रुपये बतौर रिवाॅर्ड प्रदान करने की घोषणा की है.

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में अवैध शराब, हथियार व चुनाव में काले धन के उपयोग को लेकर लाने ले जाने के खिलाफ सघन जाँच सह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

इस क्रम में आज फकुली थाना पुलिस के सहयोग से फ्लाइंग स्क्वायड टीम (एफएसटी) ने वाहन चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में नगदी बरामद की है. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है. आरोपी द्वारा रुपयों को ग्लैमर मोटरसाइकिल के सीट के नीचे भली-भांति करीने से गड्डियाँ बनाकर ले जाया जा रहा था. सम्भावना जतायी जा रही है की यह पैसे चुनाव में इस्तेमाल करने के लिए थे.

सूचना मिलते ही आईबी (अन्वेषण ब्यूरो) अधिकारी, आयकर विभाग के अधिकारी समेत पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने गिरफ्तार व्यक्ति से आय स्त्रोत की जानकारी ली. गिरफ्तार व्यक्ति ने अपनी पहचान पूर्वी चम्पारण के आदापुर निवासी प्रेम चंद चौधरी के पुत्र राजू कुमार चौधरी बमाई है. उसने बताया कि वह हाजीपुर से रुपये लेकर पूर्वी चम्पारण के घोड़ासहन में एक व्यक्ति को देने जा रहा था. गिरफ्तार व्यक्ति का एक भाई मुजफ्फरपुर में ही कहीं रहता है, जिसका सत्यापन कराया जा रहा है.

उसने हाजीपुर में रुपये देने वाले और जहाँ रुपये पहुँचाने थे दोनों के नाम पुलिस को बता दिये हैं. अनुसंधान प्रभावित न हो इसलिये नाम गोपनीय रखा गया है. हिरासत में लिये व्यक्ति के बयान के आधार पर जांच पड़ताल करते हुये पुलिस छापेमारी कर रही है. वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार द्वारा मामले में वैशाली और पूर्वी चम्पारण के पुलिस अधीक्षकों की मदद से चिन्हित आरोपियों की तलाश की जा रही है.

गिरफ्तार राजू ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में खुद के कैरियर होने की जानकारी दी है. कुछ पैसों के लिये वह रुपयों को पहुँचाने का काम कर रहा था. आशंका जताई जा रही है की बरामद रुपये हवाला के हो सकते हैं या चुनाव में इस्तेमाल करने के लिए ले जाया जा रहा था.

गौरतलब हो कि गत् 4-5 मार्च की मध्यरात्रि भी पटना आयकर विभाग से प्राप्त सूचना के आधार पर सिटी एसपी नीरज कुमार सिंह के नेतृत्व में डीआइयू व पुलिस टीम ने ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के चांदनी चौक के समीप रक्सौल की ओर जाने वाली बसों की तलाशी के दौरान तीन अलग-अलग बसों में तीन बैग में रखे 1 करोड़ 12 लाख 50 हजार नगद रुपये जप्त करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया था. गिरफ्तार तीन व्यक्तियों में एक ने खुद को बीरगंज (नेपाल) का व्यवसायी और अन्य दो व्यक्तियों ने खुद को संवाहक (कैरियर) बताया था और कहा था कि कुछ रुपयों के लालच में रुपयों को गंतव्य तक पहुँचाने का काम करते हैं.

जानकारी के अनुसार कैरियर (संवाहकों) को लगभग 10-12 हज़ार रुपये वेतन और प्रत्येक खेप में 500-1000 रुपए या प्रत्येक लाख पर कमीशन तथा खाना व रास्ता ख़र्चा अलग से मिलता है.
