प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक फिल्म पर बैन लगाने के बाद चुनाव आयोग ने अब ममता बनर्जी की बायोपिक फिल्म के ट्रेलर पर रोक लगा दी है। ‘बाघिनी’ के बारे में चुनाव आयोग का कहना है कि इसने CBFC से सर्टिफिकेट नहीं लिया है। निर्वाचन आयोग ने बायोपिक का ‘ट्रेलर’ कम से कम तीन वेबसाइटों से हटाने के लिए कदम उठाए हैं।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने ‘बाघिनी’ नाम की बायोपिक पर एक रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने ट्रेलर हटाने के लिए कदम उठाए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव आयोग बायोपिक को देखेगा। आयोग ने कहा कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड फॉर फिल्म सर्टिफिकेशन से पास नहीं किया गया है और बावजूद इसके इसका ट्रेलर दिखाया जा रहा था।

भाजपा ने चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की निर्वाचन आयोग से मांग की थी। अधिकारी ने ममता बनर्जी की बायोपिक पर कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बायोपिक की रिलीज पर चुनाव समाप्त होने तक रोक लगाने संबंधी आयोग के 10 अप्रैल के आदेश का हवाला दिया। इस मामले पर ममता बनर्जी ने कहा कि उनका इन बातों से कोई लेना देना नहीं है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा- यह सब क्या बकवास फैलाया जा रहा है। मेरी बायोपिक से कोई भी लेना देना नहीं है। यदि कुछ युवाओं ने कहानियाँ एकत्र की हैं और खुद व्यक्त किया है, तो उनके ऊपर निर्भर है। मैं नरेंद्र मोदी नहीं हूं। कृपया मेरे बारे में झूठ फैलाकर मानहानि के लिए दायर करने के लिए मजबूर न करें।