सीऐम ने सुनाया गुजरे दिनों का वाकया : ‘एक समय था जब मुझे 18-18 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था…’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को पूरे रौ में थे. पुराने दिनों की याद को ताजा कर रहे थे. वे जर्जर सड़कों को लेकर बीते दिनों का वाकया सुना रहे थे. उससे होने वाली पीड़ा को महसूस करा रहे थे. लेकिन उन्होंने यह भी बताना नहीं भूले कि अब जमाना बदल गया है. अब पहले वाली स्थिति नहीं रही. दरअसल मौका था ग्राम परिवहन योजना की शुरुआत का.ग्राम परिवहन योजना के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि शुरुआती दौर में मुझे खुद 18-18 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था. गाड़ी होने के बाद भी हम लाचार थे. उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी होती कि चाह कर भी हम गाड़ी से वहां नहीं जा सकते थे. किंतु अब पहले वाली स्थिति नहीं रही. सूबे में अब ग्रामीण सड़कों का मेंटेनेंस किया जा रहा है. लगातार किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि सड़कें भी अच्छी हो गयी हैं. हर गांव सड़क से जुड़ गया है. मतलब अब आप जब, जहां जाना चाहते हैं आप वहां जा सकते हैं. इसके पहले उन्होंने इस मौके पर कई घोषणाएं भी कीं. उन्होंने महिलाओं को वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने महिलाओं को वाहन चलाने के लिए आगे आने कहा. उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चलाने वाली महिलाओं को वाहन टैक्स नहीं देना होगा.मुख्यमंत्री ने एससी/एसटी के साथ ही अत्यंत पिछड़ा वर्ग के बेरोजगारों को सवारी वाहन की खरीद पर अनुदान देने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सवारी वाहन की खरीद पर दलित और पिछड़े वर्ग के बेरोजगारों को 50 परसेंट तक का अनुदान मिलेगा. अधिकतम अनुदान एक लाख रुपये तक होगा. उन्होंने कहा कि इस कैटगरी से आनेवाले बेरोजगार 4 सीट से लेकर 10 सीट तक के नये सवारी वाहन खरीद सकेंगे.
उन्होंने कहा कि हर पंचायत में पांच लोगों को सवारी वाहन खरीद का लाभ मिलेगा. इस योजना में ई रिक्शा को जोड़ा जायेगा. इस पर काम चल रहा है. ई रिक्शा को इस योजना में जोड़ने के बाद बेरोजगारों को इस पर भी अनुदान मिलेगा. ई रिक्शा पर मिलने वाले अनुदान से भी बेरोजगारों को लाभ मिलेगा.