जज ने देह व्यापार की आरोपी थाई युवतियों से गूगल की मदद से किए सवाल-जवाब

भोपाल। राजधानी की एक अदालत ने देह व्यापार की आरोपी थाई युवतियों से गूगल की मदद से सवाल-जवाब किए। मजिस्ट्रेट प्रकाश कुमार उइके की अदालत में लंबित है। राजधानी का यह पहला मामला है जब कोर्ट ने आनॅलाइन गूगल ट्रांसलेटर के माध्यम से आरोपियों के बयान दर्ज किए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। थाई युवतियां 21 मई से भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं।

भोपाल अदालत का पहला मामला

कोर्ट में आरोपियों पर लगाए गए आरोपों पर तर्क की सुनवाई होना थी। तभी आरोपी युवतियों के वकील ने कोर्ट को बताया कि थाई युवतियां को हिंदी और अंग्रेजी भाषा समझ नहीं समझती। उन्हें केवल थाई भाषा ही समझ आती है। इस स्थिति में युवतियों पर लगे आरोपों पर उनसे दुभाषिए के जरिए ही बात की जा सकती है।

वकील के तर्क के बाद अदालत ने आनॅलाइन गूगल ट्रांसलेटर के माध्यम से कोर्ट में मौजूद आरोपी युवतियों से सवाल-जवाब किए। मामले की सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रकाश कुमार उइके की अदालत ने देह व्यापार की आरोपी थाई युवतियों को दुभाषिया उपलब्ध कराने के आदेश दिए।

अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि चूंकि आनॅलाइन गूगल ट्रांसलेटर के माध्यम से आरोपियों से प्राथमिक बातचीत तो संभव है लेकिन मामले की सुनवाई के दौरान ट्रांसलेटर होना बहुत जरूरी है। कोर्ट ने अभियोजन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित भारत में स्थित थाईलैण्ड दूतावास को इस मामले में जरूरी कार्रवाई करने पत्र लिखने के आदेश दिए हैं।

भोपाल में यह पहला मामला है जब किसी मामले की सुनवाई अॉनलाइन गूगल ट्रांसलेटर के माध्यम से की गई। इस मामले में थाइलैंड की दो , नागालैंड की एक युवती समेत भोपाल की 4 लड़कियों को आरोपी बनाया गया है। इन सभी के खिलाफ पर अनैतिक देह व्यापार अधिनियम 1956 की धारा 3,4,5 के तहत गैरजमानती अपराध दर्ज है।

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