
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : मुज़फ़्फ़रपुर के नगर थाना क्षेत्र के गोला रोड के गायब हुए व्यवसायी की बरामदगी करने की मांग को लेकर व्यवसायियों ने गोला रोड में टायर जलाकर रोड जाम कर किया विरोध प्रदर्शन. इस दौरान व्यवसायियों ने प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.

व्यवसायियों ने गोला मण्डी को पूर्णतः बंद रखा और सरकार विरोधी नारे लगाने के साथ ही पुलिस प्रशासन पर मामले में परिजनों को परेशान करने का आरोप भी लगाया. मार्ग कवरूद्ध करने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. इस दौरान नगर थाना का वाहन रोड जाम देखकर वापस निकल जाने में ही भलाई समझी.

जानकारी के अनुसार नगर थाना क्षेत्र के बांके साह चौक निवासी छोटन चौधरी की गोला मंडी में तेल और डालडा के थोक विक्रेता हैं. विगत 8 दिनों पहले व्यवसायी के लापता होने की प्राथमिकी उनके शिक्षक पुत्र पंकज कुमार चौधरी ने दर्ज कराई थी. 8 दिन बीत जाने के बावजूद मामले में कोई प्रगति न देख गोला मंडी के व्यवसायियों का धैर्य जवाब दे गया और सामूहिक रुप से स्वेच्छा से अपनी-अपनी दुकानें बंद कर सड़कों पर उतर आये. गोला रोड को जाम कर पुलिस प्रशासन विरोधी नारों के साथ ही राज्य सरकार को भी जमकर कोसा.

स्थानीय व्यवसायी सुशील कुमार चौधरी समेत अन्य व्यवसायियों ने एकस्वर में कहा कि इससे भी प्रशासन नहीं चेती तो आने वाले दिनों में शहर बंदी करने के साथ ही आन्दोलन को और तेज किया जायेगा. उन्होंने पुलिस पर परिजनों को परेशान करने का भी आरोप लगाया.

इस बीच पूर्व विधायक विजेन्द्र चौधरी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी व्यवसायियों के साथ बैठक कर मामले में अब तक हुये जांच की जानकारी ली. पूर्व विधायक ने कहा कि व्यवसायी की बरामदगी को लेकर स्थानीय व्यवसायियों में रोष व्याप्त है. परिजन जल्द से जल्द लापता व्यवसायी की बरामदगी चाहते हैं. पुलिस प्रशासन से अपेक्षा है लापता व्यवसायी मामले को गंभीरता से लेते हुये अविलम्ब बरामदगी की जाये.

व्यवसायी के शिक्षक पुत्र पंकज चौधरी ने कहा कि विगत 10 मई को बांके साह चौक स्थित आवास से दुकान जाने के निकले पर दुकान नहीं पहुँचे. काफी खोजबीन करने के बाद नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के उपरांत पुलिस उपाधीक्षक नगर मुकुल रंजन द्वारा बनारस बैंक चौक स्थित सीसीटीवी फुटेज निकलवाया गया था, जिसमें उन्हें अंतिम बार बनारस बैंक चौक के पास देखा गया था.

उन्होंने बताया कि व्यापार को लेकर उनके पिता को पूर्व में दो बार धमकी भी दी जा चुकी है. इसको लेकर शक के आधार पर प्राथमिकी में गोविंद मोटानी के पुत्र अश्विनी मोटानी का नाम दिया गया था.
