पटना. सुरक्षा मानकाें से खि’लवाड़ करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई होगी। सदर एसडीओ कुमारी अनुपम सिंह ने शहर में चलने वाले रजिस्टर्ड काेचिंग संस्थानों की सूची जिला शिक्षा पदाधिकारी से मांगी है। इस सूची के अाधार पर उनकी जांच जिला प्रशासन की टीम करेगी। जांच के दाैरान तय मानक काे पूरा नहीं करने वाले संस्थानों काे निश्चित समय सीमा के अंदर मानक पूरा कर रिपोर्ट देने की हिदायत दी जाएगी। वहीं, बगैर रजिस्ट्रेशन कराए शहर की विभिन्न गलियों में चलने वाले काेचिंग संस्थानों के खि’लाफ सख्त कार्रवाई हाेगी।

सदर एसडीओ ने कहा कि डीएम के आदेश के बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने काेचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। गुरुवार काे अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट व जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा रजिस्टर्ड काेचिंग संस्थानों की उपलब्ध कराई जाने वाली की सूची की समीक्षा की जाएगी। शुक्रवार से विशेष अभियान चलाकर काेचिंग संस्थानों की जांच हाेगी। इस दाैरान बगैर रजिस्ट्रेशन कराए काेचिंग संस्थान चलाने वाले प्रबंधकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूरत हादसे के बाद डीएम कुमार रवि ने राजधानी समेत जिले में चलने वाले कोचिंग स्थानों की जांच करने का जिम्मा अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चलने वाले कोचिंग संस्थान की जांच करनी है। सुरक्षा सहित अन्य मानकों का अनुपालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। 25 मई को सूरत स्थित कोचिंग संस्थान में अगलगी में 21 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद पटना जिला प्रशासन ने मानक का पालन नहीं करने वाले कोचिंग संस्थानों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया था ताकि इस दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति पटना में नहीं हो सके।

कोचिंग चलाने के लिए नगर निगम, प्रदूषण विभाग, फायर ब्रिगेड से एनओसी लेना पड़ता है। इसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पटना में छोटे-बड़े करीब 5000 कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। लेकिन, वर्तमान समय में महज 287 कोचिंग संस्थान ही रजिस्टर्ड हैं। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 2010 से 2019 के बीच 986 कोचिंग संस्थानों ने आवेदन दिया है। लेकिन, मानक पूरा नहीं करने के कारण रजिस्ट्रेशन जारी नहीं किया गया है।
कोचिंग संस्थानों की मनमानी को देखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2010 में कोचिंग संस्थानों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया था। इसके तहत छात्रों, शिक्षकों की पूरी जानकारी के साथ शिक्षा विभाग से रजिस्ट्रेशन कराना है। पहली बार रजिस्ट्रेशन कराने वालों को आवेदन के साथ 5000 रुपए शुल्क जमा करना है। तीन साल के लिए कोचिंग संस्थान चलाने की अनुमति मिलेगी। इसके बाद अनुमति लेने के लिए आवेदन के साथ 3000 रुपए शुल्क जमा करना है। पुराने परफॉरमेंस के आधार पर कोचिंग संस्थान चलाने की अनुमति शिक्षा विभाग के पदाधिकारी देंगे।

18 जून 2018 को तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने बगैर निबंधन कराए कोचिंग संस्थान चलाने वाले संचालकों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। पटना प्रमंडल के सभी 6 जिलों के डीएम, एसडीएम, डीडीसी की उपस्थिति में सभी डीओ को अपने -अपने जिले में चलने वाले कोचिंग संस्थानों की सर्वे कराने, मानक को पूरा करने वाले कोचिंग संस्थानों का रजिस्ट्रेशन करने, मानक को पूरा नहीं करने वाले कोचिंग संस्थानों के संचालकों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसकी सख्त मॉनिटरिंग जिला प्रशासन को करनी थी। लेकिन, आज तक आदेश का पालन नहीं हुआ।