
MUZAFFARPUR : जिले में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते इस साल की गर्मी भी शहरवासियों को रु’ला कर बीत जाएगी. शहर व इससे सटे इलाकों में ज’र्जर बिजली तार-पोल बदलने और ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आइपीडीएस) के तहत विंध्या टेलिलिंक्स निजी कंपनी को ढाई हजार करोड़ का काम मिला है. इसे मिले चार महीने से अधिक का समय हो गया. शहर में त्रिकोण बनाकर अहियापुर, बेला व दीघरा मिलाकर अभी तक मात्र 1100 पोल ही लग पाए हैं. कंपनी के गोदाम में अभी तक ट्रांसफॉर्मर और केबल उपलब्ध नहीं हो सका है. कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार ने ने बताया कि अगले महीने से कार्य में तेज़ी आएगी.

बदले जाने हैं कई ट्रांसफॉर्मर
भीषण गर्मी में ज’र्जर तार टूटने से लोगों के बीच तबाही मची है. साल की शुरुआत में एनबीपीडीसीएल को आइपीडीसी योजना के तहत ढाई हजार करोड़ का प्रोजेक्ट मिला, ताकि 2019 के अंत तक ज’र्जर तार-पोल बदलने का काम काफी हद तक हो जाए. शहरी इलाकों में सैकड़ों ट्रांसफॉर्मर बदले जाने हैं. खुले की जगह कवर वायर लगाने हैं. जर्जर तारों को पूरी तरह बदलना, ट्रांसफॉर्मर अपग्रेड करना आदि शामिल हैं. लेकिन, लाप’रवाही के चलते कच्छप गति से कार्य चल रहा है.

Input : Jagran