हावड़ा लाल कुआं एक्सप्रेस से कटकर 5 लोगों की मौत, प्लेटफॉर्म की दूसरी ओर ट्रैक पर खड़े 9 यात्री कटे

भभुआ. डीडीयू-गया रेलखंड के भभुआ रोड स्टेशन पर शुक्रवार शाम 5:45 बजे हावड़ा लाल कुआं एक्सप्रेस से कटकर 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में 4 रोहतास व एक भोजपुर के हैं

ओवरब्रिज के बजाय पैदल पटरी पार कर रहे थे यात्री

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाराणसी-इंटरसिटी एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या तीन पर आई।

ट्रेन में चढ़ने के लिए पहले से 50 से अधिक यात्री प्लेटफॉर्म की जगह अपोजिट साइड के ट्रैक पर खड़े थे।

इसी बीच अप लाइन के रिवर्सिबल लाइन पर सासाराम की तरफ से मुगलसराय की ओर जाने वाली लाल कुआं एक्सप्रेस आई। ट्रेन 9 यात्रियों को रौंदते हुए आगे निकाल गई।

मृतकों में रोहतास की शहीना खातून, आफरीन परवीन, करीना खातून, बिक्रमगंज की सनपातो देवी और पीरो के बसावनी टोला के चंदन कुमार शामिल है।

लापरवाही से हुआ हादसा

रेलवे के नियमों की अनदेखी का नतीजा है कि शुक्रवार की शाम भभुआ रोड स्टेशन पर हुआ दर्दनाक रेल हादसा।

रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों सरेआम रेल नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं। लेकिन नियम-कायदों का पाठ पढ़ाने व पालन कराने के लिए जिम्मेवार आरपीएफ की कार्रवाई सुस्त नजर आती है।

स्टेशनों पर यात्री पटरी पार कर ट्रेन में अपना सामान चढ़ाते हैं। फुट ब्रिज का प्रयोग न कर जान जोखिम में डालकर दूसरे प्लेट फार्म पर खड़ी ट्रेन में बैठने की कोशिश करते नजर आते हैं।

प्लेटफार्म नंबर 2 पर खड़े रहते तो यह हादसा नहीं होता

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अगर सभी यात्री प्लेटफार्म नंबर 2 पर खड़े रहते तो यह हादसा नहीं होता। स्टेशन पर आरपीएफ की ढीली कार्यशैली के कारण यात्री फुट ओवर ब्रिज का प्रयोग न कर जान जोखिम में डालते हुए सीधे पटरी पर कूद पड़ते हैं।

रेलवे ट्रैक पर बिखरी लाशों में अपनों की तलाश करते रहे लोग

शुक्रवार की शाम करीब 6:00 बजे भभुआ रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर वाराणसी रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस खड़ी थी। कुछ लोग विपरीत दिशा से ट्रेन में चढ़ रहे थे तो कुछ लोग उतर कर सीधे रेलवे ट्रैक पार कर जा रहे थे। तभी हावड़ा लाल कुआं एक्सप्रेस रिवर्स लाइन से गुजरी और 5 लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गई। कई घायल हो गए।

रोंगटे खड़े कर देने वाली इस दुर्घटना के बाद लहूलुहान हालत में कई लाशें रेलवे ट्रैक पर बिखरी हुई थीं। किसी की गर्दन धड़ से अलग हो गई थी तो किसी के हाथ-पैर कट गए थे। ऐसे में कई लोग रेलवे ट्रैक पर बिखरी लाशों में अपनों की तलाश करते दिखे। हर तरफ लोगों की चीख पुकार गूंज रही थी।

ट्रेन दुर्घटना में तीन पुत्रियों की मौत से घर व गांव में मचा कोहराम

ट्रेन हादसे में शिकार रोहतास जिले के चेनारी थाना अंतर्गत तेलारी बाजार निवासी सकरु आलम की दो पुत्रियों की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी जबकि एक छोटी पुत्री की इलाज के क्रम में मोहनिया के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।

पता चला है कि उनके तीनों बेटियों को लेकर उनका इंटरसिटी ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म के ऑपोजिट साइड में खड़ा था। इसी दौरान रिवर्सिबल लाइन पर आ रही ट्रेन ने रौंद दिया।

विदित हो कि इस इलाके के बड़े पर्वों में शुमार दशहरा काफी करीब है। अन्य जगहों पर काम करने वाले अधिकतर लोग अपने घर परिवार के साथ ही दशहरा पर्व मनाने की कोशिश करते हैं।

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