दूरसंचार विभाग जल्द ही एक प्रस्ताव पेश करेगा, जिसके तहत भारत संचार निगम लिमिटेड का फाइबर नेटवर्क किराये पर दिया जाएगा। इससे कंपनी को नगदी की समस्या का सामना करना नहीं पड़ेगा।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बीएसएनएल के पास कुल आठ लाख रूट किलोमीटर का फाइबर आधारित नेटवर्क है। इससे अन्य टेलीकॉम कंपनियों को इस्तेमाल करने के लिए दिया जाएगा, ताकि कंपनी अपने कई खर्चों को पूरा कर सके।

फिलहाल कंपनी के पास फंड की भारी कमी है और वो इससे अपनी कई जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है। वहीं वीआरएस स्कीम के लिए भी उसे करीब 6500 करोड़ रुपये की जरूरत है। कंपनी को सरकार से भी फिलहाल 3300 करोड़ रुपये का फंड मिलना बाकी है।
केंद्र सरकार को उम्मीद है कि इस तरीके से कंपनी को सालाना 30 हजार करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है। इसके अलावा कंपनी अपने डोरमेंट हो चुकी संपत्तियों से भी आसानी से कमाई कर सकेगी।
