भारतीय वाहन निर्माताओं की संस्था सियाम ने विदेशी वाहन निर्माताओं के साथ मुक्त व्यापार समझौते को मेक इन इंडिया मुहिम के खि’लाफ बताया। संस्था ने कहा कि इससे घरेलू वाहन उद्योग को सीधा नुकसान होगा। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स ने सरकार से करीब 28 उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखने का अनुरोध किया।

इन उत्पादों में बैटरी चालित कारें, हाइब्रिड कारें और तिपहिया वाहन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त संगठन ने विदेशी वाहन निर्माताओं के साथ भारत सरकार की बातचीत पर चिंता जताते हुए सियाम ने कहा कि यह घाटे का सौदा होगा, सरकार को इसे रोकना चाहिए क्योंकि इससे रोजगार प्रभावित होगा और यह मेक इन इंडिया की मूल धारणा के खिलाफ है।

संगठन ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय संघ की कंपनियां भारतीय वाहन निर्माताओं के लिए सबसे बड़ा ख’तरा हैं।
