एक बड़ी मु’सीबत में है बिहार, बिहार में सू’खे की स्थि’ति पै’दा हो गयी है जी हां, आपको जानकारी हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 30 जून को मन की बात में भूग’र्भ जल स्रोत की नि’रंतर हो रही क’मी पर चिं’ता ज’ताई

और जल संरक्षण क्षेत्र में और काम करने पर ब’ल देने की बात की थी. और साथ ही सोमवार को बिहार के CM नीतीश कुमार ने बीच मानसून में बिहार में सू’खे की आ’शंका ज’ता दी थी.

दरअसल प्रदेश में सामान्य से अभी 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है. जाहिर हैं हा’लात चिं’ताजनक हैं. दरअसल बिहार के किसानों को खरीफ की खेती के लिए तीन नक्षत्र रोहिणी, आ’र्द्रा और ह’थिया का इं’तजार रहता है.

अमू’मन इन नक्षत्रों में किसानों को पानी की अधिक ज’रूरत पड़ती है और दो दशक पहले तक प्रकृति इन किसानों के साथ देती रही,

लेकिन अब अक्सर देखा गया है कि अगर इन नक्षत्रों में बारिश नहीं हुई तो राज्य के कई इ’लाके में सू’खे की नौ|बत उ’त्पन्न हो जाती है मौसम विभाग द्वारा 30 जून तक जारी विस्तृत आं’कड़े की बात करें

तो बिहार 154.8 एमएम बारिश की जगह 91.6 एमएम बारिश हुई. यानी सामान्य से 41 प्रतिशत क’म.



Input: News 18