बिहार पुलिस का अभिनव प्रयोग : डीजीपी का गतिशील दस्ता करेगा अप’राधग्रस्त जिलों का क्रा’इम ऑडिट

MUZAFFARPUR : 7 जून और 25 जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में बढ़ते अप’राध और लगातार गि’रती वि’धि व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा था की आखिर बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्यों ख’राब होते जा रही है. कमी आखिर कहाँ है जिस वजह से अप’राध की र’फ्तार लगातार ब’ढ़ती ही जा रही है. मुख्यमंत्री के स’ख्त ते’वर देख पुलिस अधिकारियों के हो’श उ’ड़ गए. सीएम के फरमान के बाद डीजीपी से लेकर एडीजी एवं अन्य अधिकारी ह’रकत में दिखे. डीजीपी ने मुजफ्फरपुर, बिहटा, समस्तीपुर, बेगूसराय, भागलपुर, नवगछिया, बक्सर समेत कई जिलों में बिना किसी पूर्व सूचना के था’नों की औचक जां’च की और कर्तव्यही’न और लाप’रवाह था’नेदारों पर का’र्रवाई भी की.

अप’राध का ग्राफ एकाएक बढ़ जाना किसी भी राज्य, प्रशासन या सत्ता के लिए बे’हद गं’भीर सं’केत माना जाता है. अप’राधियों में कानून का भ’य स’माप्त हो गया. बढ़ते अप’राध के ग्राफ के म’द्देनज़र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूबे के सभी पुलिस उपमहानिरीक्षकों को हफ्ते में 3 दिन, पुलिस अधीक्षक/ वरीय पुलिस अ’धीक्षकों को हफ्ते में 4 दिन और पुलिस उपाधीक्षकों को हफ्ते में 5 दिन ग’श्ती का अवलोकन करने का आदेश जा’री करते हुए कहा था की अनुमंडल और थाना स्तर पर समीक्षा करें कि अप’राध की घ’टनाओं में कमी क्यों नहीं आ रही है ? जिलों के पुलिस कप्तान खुद पुलिस ग’श्ती की मॉनिटिरिंग करेंगे. परन्तु इस आदेश के बावजूद अब तक इसके कोई सु’खद और सार्थक परिणाम सामने नहीं आ सके हैं.

बिहार में लगातार बढ़ते अप’राध को लेकर पुलिस मुख्यालय के आदेश पर डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय के दिशा निर्देश पर एक अभिनव प्रयोग करते हुए बिहार पुलिस के इतिहास में पहली बार “पुलिस महानिदेशक गतिशील दस्ता” नामक एक टीम का गठन किया गया है. डीजी ग’तिशील द’स्ता का नेतृत्व एडीजी/आईजी स्तर के पदाधिकारी करेंगे जिसमें आईजी, डीआईजी, एसएसपी /एसपी व डीएसपी स्तर के वरीय एवं अनुभवप्राप्त 10 से 15 पुलिस पदाधिकारी के साथ ही सीआईडी के पदाधिकारी भी शामिल होंगे. यह टीम बिहार के किसी भी जिले के अनुमंडलों और अंचल मुख्यालयों में किसी पूर्व सूचना के कभी भी पहुँच कर औ’चक नि’रीक्षण कर सकती है.

टीम सूबे के अत्यधिक अप’राध प्रभावित जिलों का दौरा करेगी और चार दिनों तक कैम्प कर सभी अनुमंडलों एवं सभी पुलिस अंचलों का अप’राध अंकेक्षण (क्रा’इम ऑडिट) करेगी. टीम के शामिल सदस्य जिला मुख्यालय की जगह तीन दिनों तक विभिन्न अनुमंडलों एवं अंचल मुख्यालयों में ही प्रवास कर अप’राध अं’केक्षण (क्रा’इम ऑ’डिट) का कार्य संपन्न करेंगे और प्रवास के चौथे दिन व अंतिम दिन क्राइम ऑडिट की पूरी टीम जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर जां’च और स’मीक्षोपरांत की गई कार्र’वाइयों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही डीजीपी क्रा’इम ऑडिट टीम जिला मुख्यालय में एसपी/एसएसपी और सभी डीएसपी की उपस्थिति में स्थानीय जनता की भी शिका’यतों को सुनेगी और सम’स्याओं के निपटारे हेतु स’म्बंधित जिलों के पुलिस पदाधिकारियों को नि’देशित करेगी.

तीन दिनों की जां’च व समीक्षा के क्रम में टीम में शामिल अधिकारी सम्बंधित जिलों के पुलिस पदाधिकारियों को सक्रिय अप’राधकर्मियों के वि’रुद्ध विशेष अभियान, लंबित वा’रंट/कु’र्की का निष्पादन एवं गं’भीर अप’राधों में सुसंगत धा’राओं के साथ निष्पक्ष अनु’सन्धान और विधिसम्मत का’र्रवाई हेतु मार्गदर्शन भी करेंगे. डीजी गतिशील दस्ता के अधिकारी था’नों के (रिकॉर्ड) अभिलेखों की अवलोकन/समीक्षा के उपरांत अप’राध नियंत्रण में लाप’रवाही और कर्तव्यपरा’यणता में विमुख सभी स्तर के पदाधिकारियों को चिन्हित कर उनके विरु’द्ध अनुशासनिक का’र्रवाई हेतु प्रा’धिकृत होंगे.

पुलिस महानिदेशक के अप’राध अंकेक्षण टीम द्वारा अनुमंडलों और अंचल मुख्यालयों में प्रवास के दौ’रान ही एक दिन “जनता के दरबार में डीजी टीम” के आयोजन के तहत क्षेत्र की जनता की सम’स्या सुनी जाएगी एवं अप’राध नि’यंत्रण की दिशा में उनके विचार भी आमंत्रित किये जायेंगे. टीम के द्वारा संज्ञान में आये किसी ज्व’लंत स’मस्या को उदाहरण स्वरूप ऑन द स्पॉट निदान सुनिश्चित किया जायेगा, जिससे सम्बंधित जिलों के पदाधिकारियों को सीख मिल सके और स्थानीय जनमानस में पुलिस के प्रति एक सकारात्मक छवि का निर्माण हो और पुलिस के प्रति उनका विश्वास का’यम हो सके.

पुलिस महानिदेशक की क्रा’इम ऑ’डिट टीम एक निर्धारित समय पर स्थानीय चौकीदारों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी संवाद स्थापित कर अप’राध नियंत्रण और श’राबबं’दी जैसी सामाजिक बुरा’ई में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका से उन्हें अवगत करायेगी और उन्हें उनके कर्तव्य बोध के प्रति सजग करेगी. टीम के नेतृत्वकर्ता अनुमंडलों और अंचल मुख्यालयों में तीन दिनों के प्रवास के अंतिम दिन प्रेस/मीडिया के रूबरू होते हुए उन्हें जां’च/समीक्षा के उपरांत की गई का’र्रवाइयों की जानकारी देते हुए उनसे भी अप’राध नियंत्रण और विधि व्यवस्था संधारण के विषय में विचार/प्रतिक्रिया लेंगे जिसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से एक दिन पूर्व ही दे दी जाएगी.

इस सम्बन्ध में डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा की बार-बार ताकिद किये जाने के बावजूद कुछ पुलिस अधिकारी अपनी कार्यशै’ली में बदलाव नहीं ला रहे हैं. अप’राध नियंत्रण की दिशा में अ’सफल साबित हो रहे हैं, कई पुलिस अधिकारियों के सम्बन्ध में लगातार शि’कायतें मिल रही हैं. मैं स्वयं निरीक्षण कर रहा हूँ और लाप’रवाह पुलिस पदाधिकारियों के खि’लाफ का’र्रवाई भी हो रही है. डीजी टीम के निरीक्षणोपरांत दो’षी पाए जाने वाले अधिकारियों के खि’लाफ का’र्रवाई निश्चित है.

चार दिनों तक विभिन्न जिला मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक गतिशील द’स्ता (क्रा’इम ऑ’डिट टीम) द्वारा अप’राध अंकेक्षण उपरांत पुलिस महानिदेशक कार्यालय को जां’च व समीक्षा से सम्बंधित सारे तथ्यों और का’र्रवाई से अवगत कराते हुए सारगर्भित प्रतिवेदन समर्पित करेंगे, जिसके बाद अग्रेत्तर विभागीय का’र्रवाई पुलिस मुख्यालय के दिशा निर्देश पर त’य की जाएगी.

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