
MUZAFFARPUR : बिहार में बे’पटरी हो चुकी लॉ एंड ऑर्डर को पटरी पर लाने को लेकर राज्य सरकार के दिशा निर्देश पर पुलिस मुख्यालय द्वारा कवायद की जा रही है. राज्य सरकार द्वारा बढ़ते अप’राध पर नि’यंत्रण की दिशा में बिहार के सभी थाना और ओपी में नए प्रावधान के तहत थानों में वि’धि व्यवस्था और अनु’संधान के लिए अलग-अलग प्रभारी और साथ ही थाना प्रबंधक की नियुक्ति की भी स्वीकृति प्रदान की है. उम्मीद जताई गयी है की 15 अगस्त की निर्धारित समय सीमा के दौरान बिहार के सभी थाना में नई व्यवस्था लागु कर दी जाएगी.

गुरुवार 11 जुलाई को एडीजी लॉ एंड आर्डर अमित कुमार ने मुजफ्फरपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तिरहुत ज़ोन के आईजी, डीआईजी और ज़ोन के सभी एसपी/एसएसपी के साथ लगभग 4 घंटे बैठक कर राज्य सरकार के नए प्रावधानों को बेहतर ढंग से लागू करने की दिशा में गहन चर्चा की. बैठक उपरांत एडीजी ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया की राज्य के सभी पुलिस थाना व ओपी में वि’धि व्यवस्था और अनुसन्धान कार्य हेतु अलग-अलग करने के निर्णय लिया गया है, जिसके सन्दर्भ में राज्य सरकार द्वारा गत 24 जून को आदेश निर्गत किया जा चुका है, जिसके तहत कई सारे प्रावधान अंकित हैं. राज्य सरकार के उन्ही प्रावधानों के अक्षरश अनुपालन कराने हेतु तिरहुत ज़ोन के सभी पुलिस अधिकारीयों की उपस्थिति में बैठक कर इसकी जानकारी दी गई.

राज्य सरकार के नए प्रावधानों को कैसे लागु करना है, उसकी समय सीमा, और लागु करने के दौरान किन-किन बातों की सावधानियां बरतनी होंगी, इस पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई है. बैठक के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों के सभी संश’यों को दूर करते हुए राज्य सरकार की नई व्यवस्था को लागु करने के दौरान सामने आने वाली सभी तरह की प्रशासनिक सम’स्याओं का नि’दान भी ढूंढा गया. राज्य सरकार के नए प्रावधान के तहत बिहार के सभी थानों में वि’धि व्यवस्था और अनु’संधान के लिए अलग-अलग अधिकारियों की तैनाती की जाएगी. दोनों इकाइयों के प्रभारी सम्बंधित थानाध्यक्ष के अधीन कार्य करते हुए विधि व्यवस्था संधारण और अनुसन्धान कार्य में थानाध्यक्ष की मदद करेंगे. सभी थाना में वि’धि व्यवस्था इकाई और अनु’संधान इकाई के लिए सब इंस्पेक्टर रैंक के एडिशनल एसएचओ (अपर थानाध्यक्ष) के रूप में उनकी तैनाती होगी.

एडीजी लॉ एंड आर्डर ने कहा कि दा’गदार छवि वाले किसी भी पुलिस पदाधिकारी को थानाध्यक्ष/ओपी अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. अपर थानाध्यक्ष पद पर तैनाती के लिए अनिवार्य है कि पुलिस पदाधिकारी स्वच्छ व ईमानदार छवि के हों. इसके साथ ही उनके सर्विस रिकॉर्ड अच्छे होने चाहिए. विशेष अर्हता नहीं रखने वाले थानेदारों को 31 जुलाई तक हर हाल में हटाने का आदेश पुलिस मुख्यालय ने जारी कर दिया है.

एडीजी विधि-व्यवस्था अमित कुमार ने बैठक के दौरान तिरहुत जोन के आईजी, डीआईजी और सभी एसपी/एसएसपी को आदेश दिया है कि थानाध्यक्ष एवं अंचल पुलिस निरीक्षक के लिए जो विशेष योग्यता निर्धारित की गई है,उसकी सभी एसपी अच्छी तरह जांच पड़ताल कर लें. वर्तमान में उनके जिले के थानाध्यक्ष इस योग्यता को पूरी कर रहे हैं अथवा नहीं. अगर जो भी थानाध्यक्ष या अंचल निरीक्षक उस योग्यता के मानकों को पूरा नहीं करते हैं उन्हें पदमुक्त कर इसकी रिपोर्ट 31 जुलाई तक पुलिस मुख्यालय तक भेज दी जाए.

प्रेस वार्ता के दौरान एडीजी अमित कुमार ने बताया की यदि किसी थानाध्यक्ष के अंतर्गत श’राब निर्माण, श’राब मा’फिया से संलि’प्तता, बिक्री, परिचालन अथवा उपभोग में उसकी संलिप्तता की बात प्रकाश में आती है या क्षेत्र अंतर्गत मद्ध नि’षेध में उनके स्तर से कर्तव्यही’नता बरती जाती है तो उक्त पुलिस पदाधिकारी को अगले 10 सालों तक थानाध्यक्ष/ओपी अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद से वंचित रखा जाएगा. जिन्हें किसी कां’ड के अनुसंधान के दौरान पुलिस द्वारा अभि’युक्त ठहराया गया हो. जिन्हें MORAL TURPITUDE के आरोप में विभागीय का’र्यवाही में दो’षी पाया गया हो यानि महिलाओं से अभ’द्र व्यवहार, भ्रष्टा’चार और अभिर’क्षा में हिं’सा, वैसे पुलिस अधिकारी जिन्हें विभागीय का’र्यवाही के संचालन के उपरांत 3 अथवा उससे अधिक वृहत सजा मिली हो या वैसे पदाधिकारी जिनके विरूद्ध विभागीय का’र्यवाही लं’बित हो तो उन्हें भी थानाध्यक्ष/ओपी अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता है.

एडीजी ने कहा की गृह विभाग की मंशा साफ सुधरी छ’वि वाले पुलिस पदाधिकारियों को ही थानेदार और अंचल पुलिस निरीक्षक की जिम्मेदारी देना है. पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में इस संबंध में दिशा निर्देश दिये थे. बिहार में पुलिस बल की क’मी के सवाल पर एडीजी ने कहा की बल की क’मी मुजफ्फरपुर समेत पुरे राज्य में है. राज्य सरकार बिहार के सर्वाधिक अप’राध प्रभावित बड़े सब डिवीज़नों में एक एडिशनल एसडीपीओ के पद सृजित किये जाने को लेकर विचार कर रही है, जिससे जिले के पुलिस उपाधीक्षकों का का’र्यभार काम हो सके.

एडीजी लॉ एंड आर्डर अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया की वर्तमान में बिहार में 1750 सब इंस्पेक्टरों की बहाली हुई है और उनकी ट्रेनिंग पूरी होते ही वे विभिन्न जिलों में योगदान देंगे जिससे काफी हद तक अनु’सन्धान की दिशा में पुलिस को मदद मिलेगी. उन्होंने कहा की बिहार पुलिस की नई बहाली की प्रक्रिया शुरू है, संभव है बहुत जल्द बिहार पुलिस में बल की क’मी को दूर कर लिया जायेगा. इससे पूर्व एडीजी लॉ एंड आर्डर अमित कुमार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया.




