विकास की आस लेकर लोग डालते हैं वोट, पर कभी मंत्री नहीं देखा

रायगढ़. छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर से लगे 12 गांव। विधानसभा क्षेत्र रायगढ़ और सारंगढ़। हर बार चुनाव में उम्मीदवार पहुंचते हैं। विकास की आस लेकर लोग वोट डालते हैं। इसके बाद पांच साल के लिए फुर्सत। न कभी नेता नजर आते हैं, न विधायक। लोगों ने अपने गांव में किसी मंत्री को नहीं देखा। भास्कर ऐसे तीन गांवों तक पहुंचा। एक गांव के लिए दो रास्ते हैं, दोनों ओडिशा होकर। एक गांव के काफी बच्चे ओडिशा में पढ़ते हैं।

सांकरा गांव | यहां एक पुल 14 साल से बन रहा है

सांकरा गांव में पहुंचने के दो रास्ते ओडिशा होकर जाते हैं। मुख्य रास्ता सरिया से होकर ओडिशा भठली से 25 किमी घूम कर जाना पड़ता है। वहीं दूसरा सरिया से बोरिदा व गठियापाली के बीच एक पुल बन रहा है। यह पुल पिछले 14 सालों से बन रहा हैै। एक जन औषधि केंद्र है, जहां डॉक्टर नहीं हैं। हायर सेकंडरी स्कूल है, लेकिन भवन नहीं। लिहाजा हाईस्कूल में ही 11वीं, 12वीं की कक्षाएं चलती हैं। नल-जल योजना के तहत पानी टंकी है, लेकिन घरों में सप्लाई नहीं। खेती बारिश के भरोसे।

रायगढ़ जिले का दूसरा सबसे बड़ा गांव सांकरा। मतदाता करीब 36 सौ। पिछली बार वोटिंग 62%

रिसोरा | 14 साल बाद बन रही सड़क

सारंगढ़ क्षेत्र का गांव रिसोरा। आबादी 29 सौ। मतदाता 22 सौ। उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन डॉक्टर नहीं है। एक नर्स है। इलाज के लिए 25 किमी दूर बरमकेला जाना पड़ता है। गांव से दूर खेतों के बीच में छह साल पहले हाईस्कूल भवन बना, लेकिन रास्ता नहीं है। पगडंडी पर चलकर टीचर व 50 बच्चे आते-जाते हैं। हायर सेकंडरी की शिक्षा के लिए 5 किमी दूर जाना पड़ता है। नल जल योजना के तहत पानी टंकी बनी है, लेकिन सप्लाई नहीं। बोरिंग से पानी लेने गर्मियों में लंबी लाइन लगती है।

2004 के बाद अब सड़क बन रही है। 2013 में वोटिंग 64%

रायगढ़ जिला मुख्यालय से 80 किमी और बरमकेला मुख्यालय से 30 किमी दूर बरमकेला-सोहेला ओडिशा स्टेट हाइवे में जिले का आखिरी गांव बिरनीपाली। 1100 की आबादी वाले इस गांव में 787 वोटर हैं। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं। गांव में मिडिल स्कूल। हाई व हायर सेकंडरी स्कूल के लिए 10 किमी दूर डोंगरीपाली तक आने-जाने की मजबूरी, इसलिए ज्यादातर बच्चे दो किलोमीटर पर स्थित ओडिशा के गिंजेल में हाई व हायर सेकंडरी में एडमिशन ले लेते हैं। स्वास्थ्य सुविधा के लिए भी 5 किमी दूर सोहेला जाते हैं। रोजमर्रा की जरूरी चीजें भी ओडिशा से ही लेते हैं।

पीने के पानी के लिए दो बोर पंप के साथ दो पानी टंकी, लेकिन गर्मी में जल स्तर नीचे चले जाने से कुएं व तालाब के भरोसे। 2013 में वोटिंग 70%

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