अपने जीवन की रक्षा के लिए सरकारी अ’स्पतालों में आने वाले मरीज यहां की बदइंतजा’मी से ख’तरे पड़े रहते हैं। बुधवार को समस्तीपुर जिले के सदर अ’स्पताल में शॉर्ट सर्किट से दो बार लगने से म’रीजों की जा’न पर बन आई।
म’रीजों व उनके तीमारदारों में भ’गदड़ म’च गई। हालांकि, कोई ह’ताहत नहीं हुआ। मुजफ्फरपुर के भी सदर अ’स्पताल व एसकेएमसीएच में लगातार शॉर्ट सर्किट की घ’टनाएं होती रहती हैं। इसके बाद भी वार्डों में म’रीजों के सिर पर झू’लते ज’र्जर तारों को ठीक नहीं किया जा रहा है।
एसकेएमसीएच में पीआईसीयू व ऑ’परेशन थियेटर को छोड़कर लगभग सभी 16 वार्डों में बिजली वायरिंग सही नहीं है। इस तरह की स्थिति सदर अ’स्पताल की है। सदर अ’स्पताल का हाल यह है कि सामान्य ऑ’परेशन थियेटर में तार झू’ल रही है। सबसे ख’राब स्थिति महिला वार्ड की है। ज’र्जर वायरिंग से भविष्य में कभी कोई बड़ा हा’दसा हो सकता है।
सदर अ’स्पताल के महिला वार्ड की ऊपरी मंजिल के वार्ड में बिजली आपूर्ति नहीं थी। लोड नहीं लेने के कारण पंखे नहीं चल रहे थे। अ’स्पताल क’र्मियों की मानें तो जुलाई में बारिश से सदर अ’स्पताल के सभी वार्डों की वायरिंग में पानी घु’स गया था। इस कारण ख’राबी आ गई है। इ’लाज करा रही सशक्ति देवी व एक अन्य म’रीज के परिजन पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बिजली आ ही नहीं रही है। इस कारण पंखे नहीं चल रहे हैं। पूछने पर अ’स्पताल कर्मी कहते हैं कि तार ठीक नहीं है।
इसी तरह महिला वार्ड व सामान्य वार्ड में कई बेड के ऊपर खुले तार लटकते रहते हैं। हालांकि, इसको मुख्य स्वीच से कनेक्ट नहीं किया गया है। इसी तरह शहरी टीकाकरण कक्ष में जर्जर तार हैं। अक्सर यहां शॉर्ट सर्किट की स’मस्या होती है। महिला वार्ड के ऑ’परेशन थियेटर के मुख्य दरवाजे के ऊपर बिजली वायरिंग ज’ली हुई है।
इसके जरिए ही बिजली आपूर्ति हो रही है। प्रसव वार्ड के दरवाजे के ऊपर भी यही हाल है। यहां चार माह पूर्व शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। आईसीयू की वायरिंग ठीक है, लेकिन इसके सामने दवा स्टोर के दरवाजे की दीवार के पास मेन स्वीच के तार लटक रहे हैं। सामान्य ऑ’परेशन थियेटर के मुख्य दरवाजे की दीवार के बगल में नाले से बिजली का तार सटा हुआ है।
एसकेएमसीएच:
अधीक्षक प्रकोष्ठ से सटे ओपीडी कक्षों व प्रसव वार्ड में कई तार ल’टकते मिले। यहां हर रोज 12 सौ म’रीज और उनके परिजन आते हैं। इस तरह मेडिसीन वार्ड के गलियारे व अंदर दोनों वार्ड में ज्यादातर वायरिंग ख’राब हो चुकी है। बोर्ड में यदि मोबाइल चार्ज करने या कूलर चलाने के लिए प्लग लगाया जाता है तो चिं’गारी निकलती है। यह हाल अन्य वार्डों का है। सर्जरी वार्ड में अपने परिजन का इला’ज करा रही बोचहां की समा देवी ने बताया कि यहां जो बोर्ड है, वह काम नहीं करता है। रात में भतीजा ने जब मोबाइल चार्ज के लिए बोर्ड में लगाया तो छोटी चिंगारी निकली।
इस तरह की स्थिति ईएनटी जाने के लिए सीढ़ी के पास की है। यहां वायरिंग देखने से ही लगता है कि वर्षों पुराना है। वर्न वार्ड में भी इस तरह की बदइंतजामी है। अ’स्पताल कर्मियों ने कहा कि इमरजेंसी से लेकर अन्य वार्डों में लगी कई महंगी मशीनों पर ख’तरा है। इ’लाज के लिए मशीनें चालू की जाती हैं तो बोर्ड में प्लग को द’बाकर लगाना पड़ता है।

source: hindustan