भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन को लेकर राखियों का बाजार सज चुका है। कच्चे धागे, रेशम की डोर के बाद अब बदलते ट्रेंड व शौक के अनुसार बहनें अपने भाइयों की कलाई पर सोने व चांदी की राखियां भी बांधने लगी हैं। महानगरों की तरह भागलपुर की दुकानों में भी सोने व चांदी की राखियां बिक रही हैं। बहनें आर्डर देकर ब्रेसलेट स्टाइल में राखियां तैयार करवा रही हैं।

तनष्कि के मैनेजर अमित तिवारी ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर स्पेशल तौर पर ब्रेसलेट स्टाइल में तीन से छह ग्राम में बनी सोने की राखियों की कीमत 12 से 22 हजार रुपये है। इसे सालभर कलाई में पहना जा सकता है। पीसी ज्वैलर के मैनेजर विकास आनंद ने बताया कि रक्षाबंधन पर चांदी की राखी की मांग अधिक है। शहरी क्षेत्र के अलावा दूर-दराज से आई बहनें भी भाई के लिए चांदी की राखी लेना पसंद कर रही हैं। 12 सौ से लेकर 15 सौ रुपये में ये राखी मिल रही है। मानिकचंद ज्वेलर्स ने रक्षाबंधन को लेकर धागे में गणेश-लक्ष्मी का सक्किा चांदी में बनवाया है। इसकी कीमत तीन सौ से सात सौ रुपये है।
इस साल डिजानयर राखियों की काफी मांग है। मेटल, मोती, स्टोन, चेन, मयूर राखी, बच्चे के लिए डोरीमॉन, शीनचैन, छोटा भीम आदि राखियां की ब्रिकी खूब हो रही है। इन राखियों की कीमत पांच रुपये से लेकर पांस सौ रुपये तक है। यहां कोलकाता, मुंबई, दिल्ली आदि जगहों से राखियां मंगवाई जाती हैं। सोना-चांदी के कारोबारी राजेश साह ने बताया कि भाई अपनी बहन के लिए पायल, रिंग, ईयर रिंग, झुमका, सक्किा आदि का आर्डर कर रहे हैं।

रक्षाबंधन पर बहनें भाई का मुंह मीठा मिठाइयों से करती हैं। बदले में भाई भी व्रती बहनों को मिठाई खिलाकर रस्म निभाते हैं। डब्बिा बंद मिठाइयों में रसगुल्ले की मांग अधिक है। चॉकलेट कारोबारी खेमचंद बचियानी ने बताया कि केडवरी, नेस्ले, अमूल, सैफहायर, फेरेरो रोचर आदि डब्बिाबंद चॉकलेट की बक्रिी खूब हो रही है। एक सौ से पांच सौ रुपये में चॉकलेट उपलब्ध है।