गोरखपुर का गोला गांव. एक लड़की अपने गांव लौटी थी. गोरखपुर शहर में नौकरी करने वाली ये लड़की दो साल बाद अपने घर आई थी. पिता के पास. कुछ दिनों के लिए. घर में सिर्फ़ यही पिता और बेटी रहते थे. बड़ी बहन की शादी हो चुकी थी. बेटी घर तो लौटी लेकिन गा’यब हो गई.
कुछ दिन बाद जब रिश्तेदारों ने बेटी के बारे में पूछना शुरू किया तो पिता अनिल (बदला हुआ नाम) लोगों को टा’लने लगा. कई बार पूछने पर अपने दामाद को पिता ने बेटी की गु’मशु’दगी का राज़ बता दिया. बेटी का म’र्डर हो चुका था. पिता ने बताया कि उसने ख़ुद अपनी बेटी को मा’र डाला.
हुआ क्या था
19 साल की बेटी का म’र्डर किसलिए किया?
पूछने पर बताया कि उसे अपनी बेटी का चाल चरित्र ठीक नहीं लगता था. वो शहर में रहकर ‘ग’ड़बड़’ करती थी. इसीलिए उसे मा’र डाला.
लेकिन सच ये नहीं था
अनिल ने अपने रिश्तेदारों को अलग-अलग कहानियां बता रखी थीं. सिर्फ़ दामाद को बताया कि बेटी अब मर चुकी है. बात लड़की की बड़ी बहन को भी पता चली. उसने पति से पुलिस को ख़बर करने की बात कही. गोला पुलिस था’ने में जब इस बात की ख़बर दी गई तो पुलिस ने जय प्रकाश को गि’रफ़्तार कर लिया. लेकिन पुलिस को जय प्रकाश की कहानियों पर भरोसा नहीं हो रहा था. और आख़िरकार अनिल ने जब सच बताया तो सबके हो’श उड़ गए.


