#JHARKHAND #INDIA : एक साल पहले एमजीएम थाना अंतर्गत गोविंदपुर महतोबांध में योगेश्वर महतो के घर हुई ड’कैती का पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया है। इस घ’टना में छह लोग शामिल थे, जिसमें पांच को गि’रफ्तार कर लिया गया, जबकि एक पहले से ही घाघीडीह जेल में बंद है। इस घ’टना को ड’कैत अरविंद दास के गि’रोह ने अं’जाम दिया था। पकड़े गए गि’रोह का कहना है कि योगश्वर महतो के घर ड’कैती में उनके हाथ महज 40 हजार रुपये लगे थे, जबकि योगश्वर महतो ने घ’टना के वक्त कहा था कि उसके यहां से दो लाख की ड’कैती हुई थी।

इस घटना का एक आ’रोपी गुरुचरण तीन महीने पहले ह’त्या के एक मामले में जेल में बंद है। अरविंद दास पर पांच डकैती और एक चोरी का मामला पहले से दर्ज है और वह पेशेवर डकैत है। योगश्वर महतो के ही घर डकैती करनी है, इसका सुराग बस चालक अजीत कुमार ने दिया था। अजीत महतोबांध से साकची मजदूरों को लाने ले जाने वाली का चालक था। बस लाने ले जाने के दौरान की उसकी मुलाकात अरविंद दास से हुई। उसने अरविंद को बताया कि महतोबांध का योगश्वर काफी धनवान है। उसके घर ड’कैती में काफी रुपये मिलेंगे। इसके बाद अरविंद ने बंटी तिवारी, रवि बहादुर, विशाल कुंभकार और दीपक तामाड़िया को साथ लेकर गि’रोह तैयार किया और 26 अक्तूबर 2018 की रात में योगेश्वर के घरवालों को बांधकर डकैती की।

एक साल से पुलिस को सुराग नहीं मिला था, लेकिन एसएसपी अनूप बिरथरे के निर्देश पर एमजीएम थाना प्रभारी अरविंद कुमार और उलीडीह थाना प्रभारी चन्द्रशेखर कुमार ने दोबारा जांच शुरू की। सबसे पहले हाथ लगे बंटी तिवारी से पूछताछ में पूरे मा’मले का खुलासा हो गया।
ये हुए हैं गि’रफ्तार : अरविंद दास (मिर्जाडीह), बंटी तिवारी (गेरुआ बस्ती), रवि बहादुर (मिर्जाडीह), विशाल कुंभकार (डिमनाबस्ती) और दीपक तमाड़िया (चिरूगोड़ा)।