गुजरात के सूरत (Surat) से एक अ’जीबोगरीब मा’मला सामने आया है, जहां आर्थिक तं’गी के चलते एक बिहारी युवक अपनी किडनी बेचने के लिए डॉक्टर के पास चला गया. इस घ’टना से अस्पताल में ह’ड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, ट्रॉमा सेंटर में ऑन ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर को युवक ने कहा कि साहेब मुझे किडनी बेचनी है.
यहां कोई खरीददार है? यह सुनते ही डॉक्टर स्तब्ध रह गए.जानकारी के मुताबिक, युवक बिहार के आरा (Ara) जिले के बेल्लाउर (Bellauer) का रहने वाला है. उसका नाम 35 वर्षीय वीरेंद्र सिंह है. वह एक डाइंग मिल में सिक्योरिटी गार्ड (Security guard) की नौकरी करता है. उसे 9000 रुपए सैलरी मिलती है, जिससे उसके परिवार के भरण-पोषण में मु’श्किल हो रही है.
वीरेंद्र सिंह का कहना है कि परिवार बिहार में है. ऐसे में घर पैसे भेजने हैं और उसके पास पैसे नहीं है. यही वजह है कि उसने परिवार के भरण-पोषण के लिए किडनी बेचने का निर्णय लिया.
वीरेंद्र सिंह ने डॉक्टर को बताया कि वह 13 साल से पांडेसरा में रहता है
दैनिक भास्कर के अनुसार, वीरेंद्र सिंह ने डॉक्टर को बताया कि वह 13 साल से पांडेसरा में रहता है और सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है. महीने का वेतन 9000 रुपए है. बिहार में माता-पिता, पत्नी और दो बेटियों को भरण-पोषण के लिए हर माह 5000 रु. भेजता है और 4000रु. में खुद का गुजारा चलाता है. सुना था कि किडनी बेचने से पैसे मिल सकते हैं. इसलिए मन में अचानक विचार आया और डॉक्टर के कैबिन में आ गया. कहा जा रहा है डॉक्टर द्वारा समझाने के बाद युवक ने अपना इरादा बदल दिया.
