
HAJIPUR : हाजीपुर-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग- 22 पर भगवानपुर थाना क्षेत्र के एल एन कॉलेज के समीप से रविवार की रात बाइक सवार एक युवक के अपहरण मामले का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने एक अपहरणकर्ता को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार धर्मेन्द्र राय गोरौल थाना क्षेत्र के पोझिया गांव निवासी हरिश्चन्द्र राय का पुत्र बताया जाता है. पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया.
गौरतलब है कि बिदुपुर थाना क्षेत्र के फुलपुरा गांव निवासी विनय कुमार मिश्र के दो पुत्र नवीन कुमार मिश्र और नीरज कुमार मिश्र बीते रविवार की देर रात करीब दस बजे एक ही बाइक से मुजफ्फरपुर जा रहा था. इसी दौरान एक मारूती वैगन-आर कार पर सवार पांच अपराधियों ने भगवानपुर थाना क्षेत्र के एल एन कॉलेज के समीप बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया. अपराधियों की मंशा को भांपते हुए बाइक छोड़कर दोनों भागने लगे. अपनी योजना में विफल होते देख अपराधियों ने फायरिंग की. फायरिंग होने और गोली लगने के डर से नीरज रुक गया. इसी बीच दो अपराधी वहां पहुंचे और नीरज को पकड़ लिया तथा हथियार का भय दिखाते हुए कार में बैठा लिया. दो अन्य अपराधी नवीन की बाइक पर सवार हो गये और हाजीपुर की ओर भाग निकले. इसके बाद नवीन ने घटना स्थल पर से ही मोबाइल फोन से एसपी को घटना की जानकारी दी. एसपी के निर्देश पर भगवानपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में भगवानपुर थाने की पुलिस आनन-फानन में घटना स्थल पर पहुंची. पुलिस ने नवीन से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली.
इसके बाद पुलिस ने नवीन कुमार मिश्र के बयान पर पांच अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अपहृत युवक की बरामदगी के लिए छापेमारी शुरू की. प्राथमिकी में गिरफ्तार धर्मेन्द्र राय के अलावे बिदुपुर थाना क्षेत्र के कैलाचक गांव निवासी विनोद राय और संजय राय, राजापाकर थाना क्षेत्र के तेलिया गांव निवासी मनीष सिंह उर्फ नेताजी और कल्लु साह को नामजद किया गया है.
प्राथमिकी में नामजद गोरौल थाना क्षेत्र के पोझा गांव निवासी हरिश्चन्द्र राय के पुत्र धर्मेन्द्र राय को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने सोमवार की रात उसके घर और ससुराल में छापेमारी की. घटना को अंजाम देने के बाद धर्मेन्द्र बिदुपुर थाना क्षेत्र के फुलपुरा गांव स्थित ससुराल में छुपा हुआ था. अपहृत नीरज का घर भी फुलपुरा गांव में ही है.
पुलिस ने धर्मेन्द्र धर दबोचने के बाद उसके अन्य साथियों से नाटकीय ढ़ंग से उसकी बातचीत करायी . इसके बाद अपराधियों ने नीरज को जढुआ के समीप लाकर छोड़ दिया. अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त होने के बाद नीरज ने फोन से अपने भाई नवीन को मुक्त होने की जानकारी दी. जिसकी सूचना मिलते ही भगवानपुर पुलिस ने अपहृत नीरज को अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस ने घटना के संबंध में नीरज से पूछताछ की और आगे की कार्रवाई में जुट गयी है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिरकार नीरज को अपराधियों ने क्यों अपहरण किया था. पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है.