
EAST CHAMPARAN : पूर्वी चम्पारण शिक्षा विभाग में हुए फर्जीवाड़े को लेकर हमेशा से सुर्खियों में रहा है. ताजा मामला 24 शिक्षकों के फर्जी नियुक्ति का है. जहां पदाधिकारियों व कर्मियों के मिलीभगत से 24 शिक्षकों को ट्रांसफर लेटर से योगदान कराकर वेतन भुगतान किया गया था. जिसमें करोड़ों सरकारी राशि का गबन किया गया था. जिसकी जांच के लिए 13 साल बाद निगरानी विभाग की टीम मोतिहारी डीईओ कार्यालय पहुंची. जिसके बाद फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मियों में हड़कंप मच गया.
निगरानी टीम 2000 में स्थानान्तरण पत्र पर नियुक्त शिक्षकों के कागजातों की जांच तो कुछ हैरान करने वाले तथ्य सामने आए. जिसके बाद जाँच की गई तो पाया गया कि 2000 से 2002 के बीच जिले में 16 शिक्षक स्थानान्तरण पत्र पर नियुक्त किए गए थे जिनकी कहीं नियुक्ति नहीं हुई थी. वे वेतन का लाभ भी लेने लगे. तत्कालीन विभागीय अधिकारी ने इन 16 शिक्षकों के कागजातों की जांच की तो पाया कि इनके पास सर्विस बुक और नियुक्ति पत्र नहीं है. जांच होने के बाद आठ अन्य शिक्षक का भी मामला सामने आया. जिसके बाद इस शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ.
इस बीच 2005 में शिक्षा विभाग ने यह मामला निगरानी विभाग को सौंप दिया. मामला दर्ज होने के 13 साल बाद निगरानी विभाग जाँच के लिए मोतिहारी पहुंची और कागज की जांच शुरू कर दी. निगरानी डीएसपी कुमोद रंजन सिंह ने बताया कि स्थान्तरण पत्र पर बहाल सभी शिक्षकों के नाम व पता भी फर्जी है. फाइलों की जांच की जा रही है जल्द ही दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.