
कंपनी ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय पर 41 लाख रुपये बिजली बिल का बकाया है। प्रधानमंत्री सचिवालय ने पिछले महीने के 35 लाख रुपये का भुगतान भी नहीं किया है। कंपनी ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बारे में पहले भेजे गये नोटिस का भी जवाब नहीं दिया। कानून के मुताबिक, लगातार दो महीने का बिजली का बिल नहीं जमा होने पर कंपनी चेतावनी देकर बिजली की आपूर्ति रोक सकती है। बिलों का भुगतान नहीं होने की वजह से बिजली कंपनी निजी बिजली उत्पादकों को भुगतान नहीं कर पा रही है।
