BJP ने दी प्रज्ञा ठाकुर को चेतावनी, अगली बार वि’वादित बयान देने पर हो सकती है कड़ी का’र्रवाई

अपने बयानों से लगातार वि’वादों में रहने वालीं भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी ने अलग-थलग कर दिया है। बीजेपी ने उन्हें सार्वजनिक जगहों पर नहीं बोलने के लिए कहा है। पार्टी के दो नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीजेपी मध्य प्रदेश के प्रमुख राकेश सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर को चे’तावनी दी है कि अगर अगली बार उन्होंने वि’वादित बयान दिया तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पार्टी का मानना है कि जब भी प्रज्ञा ठाकुर कुछ बयान देती हैं तो वह गलती कर बैठती हैं। उनके सहयोगी जेपी शर्मा ने कहा, ‘क्या आपको लगता है कि कोई भी साध्वीजी को बोलने से रोक सकता है?’ क्योंकि वह अस्वस्थ थी। वह बहुत बार बीमार पड़ जाती हैं।

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बता दें कि हाल ही में प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक दफा फिर से अपने बयान से वि’वाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने सोमवार को कहा था कि भाजपा नेताओं को नुकसान पहुंचाने के लिये विपक्ष मारक शक्ति का इस्तेमाल कर रहा है। प्रज्ञा ने सोमवार सुबह प्रदेश भाजपा कार्यालय में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित शोक सभा को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि एक बड़ा कठिन समय चल रहा है। मैं जब चुनाव लड़ी, उस समय एक महाराज जी आये, उन्होंने मुझसे कहा, आप अपनी साधना को कम मत करना, साधना का समय बढ़ाते रहना, साधना कम मत करना क्योंकि बहुत बुरा समय है और जो विपक्ष है, कोई ऐसा कार्य कर रहा है, ऐसी मारक शक्ति का प्रयोग कर रहा है जो भारतीय जनता पार्टी पर कर रहा है और वह भारतीय जनता पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिये है।

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प्रज्ञा सिंह ठाकुर कई बार विवादित बयान दे चुकी हैं। एक बार उन्होंने कहा था कि वह नाला साफ करने या टॉयलेट साफ करने के लिए नहीं चुनी गई हैं। प्रज्ञा ठाकुर उस वक्त भी अपने बयानों से विवादों में घिर गई थीं, जब उन्होंने 26/11 मुंबई आ’तंकी ह’मले के शहीद हेमंत करकरे पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि शहीद हेमंत करकरे उनकी शाप की वजह से मारे गए थे। करकरे उस टीम का हिस्सा थे, जिसने प्रज्ञा से मालेगांव ब्लास्ट केस में पूछताछ की थी। प्रज्ञा ठाकुर ने उस वक्त भी वि’वाद को जन्म दिया था, जब वह 17वीं लोकसभा के पहले दिन अपने आध्यात्मिक गुरु का नाम लेने में फंस गई थीं। जिसकी वजह से विपक्ष ने विरोध किया था। प्रज्ञा का महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को दशभक्त बताने वाला बयान भी काफी वि’वादों में रहा था। प्रज्ञा ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। हालांकि, इस बयान पर उन्हें कारण बताओ नोटिस मिला था और बाद में माफी भी मांगनी पड़ी थी।

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