एक स्थानीय निवासी ने बताया कि शाम करीब 6 बजे लोगों ने देखा कि सांड़ इलाके में बने फ्लैट्स की चौथी मंजिल पर चढ़ गया है। इसके बाद सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए। हर कोई छत पर चढ़े सांड की वीडियो बनाने और तस्वीर लेने में जुटा रहा। रात करीब 10 बजे कैमरों की लाइट और लोगों के शोर से बौखलाकर सांड़ ऊपर से बगल वाले घर की छत पर कूद गया। घा’यल होने पर वह काफी देर तक त’ड़पता रहा। बाद में दम तो’ड़ दिया।
पुलिस-निगम ने पल्ला झाड़ लिया
घट’ना का सबसे श’र्मनाक पहलू यह रहा कि सांड़ करीब चार घंटे तक छत पर चढ़ा रहा, लेकिन पुलिस और दक्षिणी नगर निगम ने उसे बचाने के लिए कुछ नहीं किया। दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। स्थानीय निवासी रोहित ने बताया कि 6 बजे ही पुलिस को सूचना दे दी गई थी। कई बार कॉल करने के बाद पीसीआर 40 मिनट बाद आई। लेकिन, पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे इसमें कुछ नहीं कर सकते। नगर निगम और फायर ब्रिगेड को बुलाइए। उधर, दक्षिणी नगर निगम के कर्मियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि सांड़ निजी प्रॉपर्टी में गिरा है। हम कुछ नहीं कर सकते।
सांड़ का श’व करीब 16 घंटे तक छत पर पड़ा रहा, लेकिन किसी ने कोई का’र्रवाई नहीं की। दक्षिणी नगर निगम ने कह दिया कि श’व को सड़क पर उतार दीजिए, हम उठा लेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने यहां के निगम पार्षद से भी गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने भी बात नहीं सुनी। इसके बाद गोसेवा दल से जुड़े कुछ लोग पहुंचे और उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर क्रेन का इंताजम किया। स्थानीय लोगों ने पांच हजार रुपये जमा करके क्रेन बुलवाई और शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे श’व छत से उतारा गया। गोसेवा दल के लोगों ने उसका अंतिम संस्कार किया।
अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि आखिरकार सांड़ उस भवन की चौथी मंजिल तक कैसे पहुंच गया। यह भी सवाल बना हुआ है कि अगर वह सीढ़ियों से होकर ऊपर गया तो फ्लैट में रहने वाले किसी भी व्यक्ति ने उसे कैसे नहीं देखा। लोगों का कहना है कि फ्लैट की सीढ़ियां संकरी हैं। सांड़ उन पर चढ़ तो गया होगा, लेकिन वापस घूम नहीं सका होगा। इसलिए वह सीधा ऊपर की ओर चढ़ गया।
