
सीतामढ़ी, दरभंगा व मधुबनी का जायजा लेने के बाद रविवार को दिल्ली लौटने से पहले पटना में केंद्रीय टीम ने बिहार सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर नुकसान से संबंधित कुछ और आंकड़ों की मांग की। आपदा प्रबंधन विभाग मंगलवार तक संशोधित आंकड़ों के साथ केंद्रीय टीम को फिर से ज्ञापन सौंपेगा। अनुमान है कि संशोधित ज्ञापन में पहले से मांगी गई सहायता राशि 2700 करोड़ में थोड़ी वृद्धि हो जाए।

बाढ़ से हुई त’बाही का जायजा लेने गृह मंत्रालय के एनडीएमए के संयुक्त सचिव रमेश कुमार के नेतृत्व में सात सदस्यीय केंद्रीय टीम 28 अगस्त को बिहार आई थी। 29 से 31 अगस्त के बीच टीम ने तीन दिनों में सीतामढ़ी, दरभंगा व मधुबनी का गहन दौरा किया। रविवार को पटना की राजकीय अतिथिशाला में केंद्रीय टीम ने आपदा प्रबंधन, कृषि, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, पीएचईडी और पशुपालन सहित दो दर्जन विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। टीम ने बिहार सरकार के अधिकारियों से कहा कि बाढ़ से भारी तबाही हुई है। केंद्रीय टीम के एक सदस्य ने कहा कि नुकसान की तुलना में ज्ञापन में जो आंकड़े दिए गए हैं, वह नाकाफी है। प्रखंडवार फसल क्षति का ब्योरा मांगा गया है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की वास्तविक लंबाई मांगी गई है। कितने इलाकों में खेतों में बालू जमा हुआ है, इसका सटीक आंकड़ा मांगा गया है।

केंद्रीय टीम के बिहार दौरे को आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने सकारात्मक बताया। कहा, टीम ने बिहार में बाढ़ से हुई त’बाही को माना है। प्रारंभिक आंकड़ों के साथ बिहार ने केंद्र को ज्ञापन सौंपा था। संशोधित आंकड़ों के साथ मंगलवार तक नए सिरे से ज्ञापन सौंप दिया जाएगा। केंद्र सरकार से पैसा मिलने के सवाल पर कहा कि पैसा मिलने की प्रक्रिया है। टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी जिस पर केंद्र सरकार निर्णय लेगी। बिहार सरकार ने अपना काम कर दिया है।