आपको बता दे कि भगवान विष्णु ने कईं अवतार लिए हैं और वो पाप के सागर से दुनिया को वापस लाने के प्रतीक हैं। यह बात सच है कि भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ है लेकिन शेषनाग भी भगवान विष्णु के प्रत्येक अवतार उनके साथ ही जुड़ा हुआ है।आपने लोगो ने अभी तक तो भगवान विष्णु के कईं अवतार देखे होंगे। किसी में वो गरुड़ (पक्षियों के राजा) की सवारी करते हुए दिखते हैं, किसी चित्र में वो ‘शंख, चक्र, गदा, पदम् के साथ दिखाई देते हैं और कुछ में नाग पर लेटे हुए। सांपों के इस बिस्तर को ‘अनंत-शैय्या’ कहा जाता है।

क्या आप जानते हैं कि भगवान विष्णु से जुड़े ये 3 रोचक रहस्यों के बारे में। भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों में उन्हें कईं सिरों वाले बड़े सांप के साथ दिखाया जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार इस विशाल सर्प को शेषनाग कहा जाता है और भगवान विष्णु इस पर आराम करते हैं।वो साँपों के बिस्तर पर क्यों सोते हैं। आइये इसका उत्तर जानें: 1. समय के मार्गदर्शक: जब संसार में पाप बहुत अधिक बढ़ गए थे तब भगवान विष्णु ने विश्व का उद्धार किया था। शेषनाग ‘अनंत’ अर्थात जिसकी कोई सीमा नहीं, का प्रतीक है। भगवान विष्णु उपयुक्त समय पर मानव जाति का मार्ग दर्शन करते हैं। यही कारण है कि उन्हें सांपों के बिस्तर पर लेटा हुआ दिखाया जाता है।

– भगवान विष्णु की अभिव्यक्ति: हर बार संसार को बचाने के लिए भगवान विष्णु के कई रूपों और आकारों में जन्म लिया है। हिन्दू धर्म के अनुसार शेषनाग भगवान विष्णु की उर्जा का प्रतीक हैं जिस पर वे आराम करते हैं।
– सभी ग्रहों के बैठने का आसन: हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि शेषनाग ने अपनी कुंडली में सभी ग्रहों को पकड़ के रखा है और वे भगवान विष्णु के मन्त्रों का उच्चारण करते हैं। यदि भगवान विष्णु संपूर्ण ब्रह्मांड, ग्रहों और तारों के प्रतीक हैं तो वास्तव में यह महत्व जायज़ है।

– भगवान विष्णु का रक्षक शेषनाग: भगवान विष्णु को केवल आराम करने के लिए जगह ही नहीं देते बल्कि वो उनके रक्षक भी हैं।
– यह संबंध कभी ख़त्म न होने वाला है: भगवान विष्णु और शेषनाग के बीच का संबंध शाश्वत है। भगवान विष्णु के प्रत्येक अवतार में बुरी शक्तियों का ना’श करने के लिए शेषनाग भगवान विष्णु के साथ जुड़े हुए हैं और उन्होंने विश्व को पा’प से बचाया है।


