
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : “पोषण अभियान कार्यक्रम न होकर एक जन आंदो’लन और भागीदारी है। इसके सफलता में जहाँ जन-जन का सहयोग आवश्यक है वहाँ स्थानीय सरकारी विभागों, स्कूल प्रबंधन समितियां, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं तमाम निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की समावेशी भागीदारी भी अपेक्षित है।

उक्त बात जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने आज संगम जीविका संकुल स्तरीय संघ मुशहरी के तत्वाधान में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण और महिलाओं के जीवन संवारने में जीविका व स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने उपस्थित सभी जीविका दीदियों से आह्वान किया कि राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत जिले से कुपो’षण को दूर करने के लिए आपको एक जुनून के साथ कार्य करना है। कहा अन्य सामाजिक कार्यों के भांति पोषण को लेकर आप सघन जागरूकता का गांव-गांव में अलख जगाएं।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कुपो’षण को दूर भगाने को लेकर उपस्थित सभी को शपथ भी दिलाई और हस्ताक्षर अभि’यान भी चलाया गया। पोषण से संबंधित जागरू’कता को लेकर जीविका दीदियों द्वारा एक रै’ली भी निकाली गई। जीविका संकुल स्तरीय संघ मुसहरी द्वारा वार्षिक आम सभा का आयोजन के अवसर पर उक्त कार्यक्रम में 44 ग्राम संगठन एवं 549 समूहों के 1200 जीविका दीदियां उपस्थित थी। कार्यक्रम में संघ के द्वारा दो वर्ष का वार्षिक कार्य योजना प्रस्तुत किया गया।

प्रखंड परियोजना प्रबंधक, मुशहरी हरिकांत द्वारा बताया गया कि वितीय वर्ष 2017-18 में 14 लाख एवं 2018-19 में 11 लाख 40 हजार का लाभ संघ को हुआ है। 2006 से यह समूह चल रहा है जिसे अबतक कुल 57 लाख का लाभ हुआ है। मालूम हो कि जीविका के स्वयं सहायता समूह द्वारा बैंक से पैसा लेकर छोटे-छोटे व्यवसाय किये जाते है। डीपीएम संतोष कुमार सोनू ने बताया कि यह समूह के लिए एक उपलब्धि है। समहू की महिलाओं द्वारा स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनि’र्भर होना समाज के लिए शुभ संकेत है।

कार्यक्रम में सीडीपीओ मुशहरी मंजू सिंह, राज्य परियोजना प्रबंधक, वितीय समावेशन पुष्पेंद्र तिवारी, बीपीएम हरिकांत, स्वास्थ्य प्रबंधक पुष्कल, संकुल संघ का अध्यक्ष आशा देवी उपस्थित थे।

