पड़ोस में अकसर बच्चे एक-दूसरे के घरों में खेलने चले जाते हैं। इसी तरह एक ग्रामीण की 13 वर्षीय बेटी सामने रह रहे एक ग्रामीण के घर खेलने चली जाया करती थी। बताते हैं कि एक दिन जब उसके घर में कोई नहीं था तब गृह स्वामी ने मौका भां’पते हुए बालिका से ज’बरन दु’ष्कर्म कर लिया। इसके बाद वह अकसर ड’रा-ध’मका कर उसके साथ दु’ष्कर्म करने लगा। दु’ष्कर्म के इस सि’लसिले की भ’नक किसी को नहीं लग सकी। इस बात का खुलासा तब हुआ जब बालिका को अ’चानक उ’लटियां और पेट द’र्द की शि’कायत पर गांव स्थित एक महिला चिकित्सक के पास ले जाया गया।
चिकित्सक को संदेह हुआ तब उसने उसके मूत्र की जांच की जिसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। बाद में अल्ट्रा साउंड हुआ तो तीन माह का गर्भ होना पाया गया। यह सुनते ही परिजन के पैरों तले जमीन खि’सक गई।उन्होंने जब बालिका से पूछताछ की तब पूरा माजरा सुना दिया। उधर, जब अधेड़ को इस बात की जानकारी हुई तो फ’रार हो गया। दु’ष्कर्मी की हिमायत में कुछ लोग पंचायत कराने पर आमादा हो गए। हालांकि कुछ लोगों ने मा’मला पुलिस तक ले जाने तो कुछ ने बालिका के भविष्य के लिए दस लाख का दं’ड डालने का सु’झाव दिया। बहुत से लोग इस बात पर जोर दे रहे थे की अर्थ दं’ड के साथ ही आ’रोपी को पी’ड़िता चप्पलों से पी’टकर स’जा दे। कई दौर पंचायत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है। पी’ड़ित पक्ष ने अभी पुलिस को घ’टना की जानकारी नहीं दी है।



